संभल जिले में हाईस्कूल टॉप करने वाले गांव शकरपुर सोत निवासी हिमांशु कुमार इंजीनियर बनना चाहते हैं। उन्हाेंने अपनी सफलता का श्रेय परिजनों को दिया है। शनिवार को हाईस्कूल को परिणाम घोिषत होने के बाद जिला में प्रथम स्थान आने के बाद हिमांशु ने अपनी सफलता के मूलमंत्र को बताते हुए कहा कि उन्होंने पांच से छह घंटे प्रतिदिन पढ़ाई की है।
इसके अलावा ऑनलाइन वीडियो से भी काफी मदद ली। कोचिंग कोई नहीं ली लेकिन प्रेरणा अपने पिता और भाई से ली है। जिससे वह प्रतिदिन पढ़ाई कर सके और जिला टॉप करने में सफलता मिली है। कहा कि यदि मेहनत की जाए तो सफलता जरूर मिलेगी। बताया कि उनके पिता टीजीटी की तैयारी कर रहे हैं। दो भाई और एक बहन में सबसे छोटे हैं। जबकि उनकी मां मीनादेवी गृहिणी हैं।
आईएएस अधिकारी बनना चाहती हैं नमामि कौशिक
संभल के गांव सद्दू सराय निवासी नमामि कौशिक ने जिले में हाईस्कूल में तीसरा स्थान पाया है। नमामि कौशिक ने बताया कि उन्होंने कभी कोचिंग नहीं ली है लेकिन मोबाइल से काफी मदद ली है। किसी सवाल को समझना होता था तो इंटरनेट पर तलाश कर लिया करते थे। जिसको पूरी तरह समझने में मदद मिल जाती थी।
हाईस्कूल में जिले में दूसरे स्थान पर रहे गांव फत्तेहपुर भाऊ निवासी हरिओम भी इंजीनियर बनना चाहते हैं। हरिओम ने बताया कि वह तीन से चार घंटे प्रतिदिन पढ़ाई करते थे। जिससे उसे सफलता मिली है। पिता किसान हैं और परिवार में मां राजवाला देवी के अलावा एक भाई और एक बहन हैं। उन्होंने बताया कि वह सबसे छोटे हैं।
व्यवसाय में रूचि रखते हैं सागर गुप्ता
मोहल्ला ठेर निवासी सागर गुप्ता ने जिले में हाईस्कूल में तीसरा स्थान प्राप्त किया है। वह व्यवसाय में रूचि रखते हैं। उनके पिता संजय गुप्ता जनरल स्टोर चलाते हैं। सागर गुप्ता ने बताया कि उन्होंने मोबाइल से गणित और विज्ञान के सवालों को खूब समझा है। मोबाइल काफी उपयोगी रहा है। बताया कि वैसे तो वह प्रतिदिन 4-5 घंटे पढ़ाई करते हैं लेकिन मोबाइल का उपयोग भी काफी मददगार रहा।