चंदौसी (संभल)। अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट मयंक त्रिपाठी ने धोखाधड़ी और जान से मारने की धमकी देने के मामले में दो अभियुक्तों खोखन बोस और रोबिन बोस को पांच वर्ष की सजा सुनाई है। अदालत ने अभियुक्त पर ढाई लाख का अर्थदंड भी लगाया है। जुर्माना अदा नहीं करने पर एक वर्ष का अतिरिक्त कारावास और भुगतना होगा।
दरअसल, चिटफंड के नाम पर 2011 में धोखाधड़ी की गई थी। इस मुकदमे के वादी श्रीकेस यादव को शक्तिनगर निवासी खोखन बोस व देवरखेड़ा निवासी रोबिन बोस ने ग्लोबल कंसेप्ट संस्था में एजेंट बनाया था। कई तरह के लाभ पहुंचाने का वादा किया था। श्रीकेस यादव ने 18 लोगों से 2.25 लाख रुपये एकत्र कर जमा करा दिए। जुलाई 2012 में जब श्रीकेस यादव ने जमा किए हुए रुपये मांगे, तो धमकाया गया। साथ ही रुपये भी देने से इनकार कर दिया गया। इस मामले में जुलाई 2012 में धोखाधड़ी समेत कई धाराओं में चंदौसी कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज की गई। श्रीकेस यादव की ओर से सहायक अभियोजन अधिकारी नीरज कुमार मिश्रा ने पैरवी की।