जनरल टिकट जारी करते समय रेलवे सीट नंबर क्यों नहीं देता, आरटीआई कार्यकर्ता के इस सवाल का जवाब देने में रेलवे अफसर कतरा रहे हैं। सूचना आयुक्त ने रेलवे के अधिकारियों से वीडियो कांफ्रेंस के जरिए जवाब चाहा पर वे नदारद रहे। इसके बाद केंद्रीय सूचना आयुक्त ने रेलवे को नोटिस जारी किया है। जवाब न देने की सूरत में पंद्रह दिन के भीतर कार्रवाई करने की बात भी कही गई है।
आरटीआई कार्यकर्ता तीरथ किशोर चतुर्वेदी ने अपने आवेदन में जानकारी मांगी है कि जब ट्रेन या बस पर ओवरलोडिंग नियम लागू हैं तो यह सिर्फ सामान पर ही क्यों हो। क्षमता से अधिक यात्रियों से भी तो ओवरलोडिंग होती है।
समान धनराशि से समान दूरी के टिकट लेने वाले यात्रियों में कुछ सीट पर बैठकर जाते हैं और कई को खड़े होकर यात्रा करनी पड़ती है, क्यों ? चतुर्वेदी ने नौ सितंबर-2013 को सूचना का अधिकार के तहत सूचना मांगी थी लेकिन रेल प्रशासन लगातार टालमटोल करता रहा। केंद्रीय सूचना आयोग ने मामले को गंभीरता से लेते हुए 20 जून-2016 को सुनवाई की तिथि तय की। जिसमें वीडियो कांफ्रेंसिंग हुई। जिसमें तीरथ किशोर तो पहुंचे लेकिन रेल प्रतिनिधि नदारद रहे।
इस पर सूचना आयुक्त बिमल जुल्का ने रेल मंत्रालय के सीपीआईओ को आदेश दिया कि 15 दिन के अंदर के तीरथ किशोर को जवाब दें, अन्यथा नियम 20 (1) के तहत कार्रवाई की जाएगी।
यह है नियम
रेल अधिनियम-1989 के नियम 57 में स्पष्ट किया गया है कि केंद्रीय सरकार के अनुमोदन के अधीन रहते हुए रेल प्रशासन यात्रियों की ऐसी अधिकतम संख्या नियत करेगा जो हर प्रकार के सवारी डिब्बे के प्रत्येक कक्ष में वहन किए जा सकेंगे और ऐसी नियत की गई संख्या की प्रत्येक कक्ष के अंदर या बाहर हिंदी और अंग्रेजी में और उन क्षेत्रों की, जिनमें से होकर रेल जाती है सामान्य प्रयोग की प्रादेशिक भाषाओं में से एक या अधिक में भी सहज दृश्य रीति से प्रदर्शन करेगा।
रेल अधिनियम-1989 के नियम 72 में कहा गया है कि प्रत्येक वैगन या ट्रक उसकी धुरियों पर सकलभार जब वैगन या ट्रक अपनी वहन क्षमता तक लदा हो ऐसी सीमा से अधिक नहीं होगा, जो वैगन या ट्रक के नीचे की धुरी के वर्ग के लिए केंद्रीय सरकार द्वारा नियत की जाए।
रेलवे से पूछे गए सवाल
क्या भारतीय रेलवे सामान्य टिकटों के संबंध में यातायात नियमों का पालन कर रहा है या नहीं
ट्रेन में जनरल सीटों से अधिक टिकिटों की बिक्री अवैध है या नहीं
जब जनरल डिब्बों में सीट नंबर होता है तो जनरल टिकट पर सीट नंबर अंकित क्यों नहीं किया जाता है