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तस्कर इरफान के नाम पर बदायूं जेल में सजा काट रहा श्याम लाल

Tue, 28 Jun 2016 01:07 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला संभल
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हाईकोर्ट - फोटो : amar ujala
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 सात महीने पहले धनारी थाना गेट पर ही वाहन चेकिंग के दौरान लगी लाइन में खड़े कार चालक को टक्कर मारकर मौत के घाट उतारने के आरोपी गोवंशीय पशुओं से भरे ट्रक के चालक इरफान ने न्यायालय को भी गुमराह कर दिया। अपने स्थान पर दस हजार रुपये का लालच देकर श्याम लाल को इरफान बनाकर पेश कर दिया, जिसे बदायूं जेल भेज दिया गया।
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हाई कोर्ट से जमानत स्वीकृत होने के बाद जब बदायूं जेल से रिहाई होने वाली थी तो पुलिस को इस धोखाधड़ी की भनक लग गई और जमानत पर आपत्ति दर्ज करा दी गई। जिससे संभल व बदायूं पुलिस में खलबली मच गई। धोखाधड़ी का राजफाश हो गया। इस मामले में इरफान, श्यामलाल के अलावा शिनाख्त करने वाले एक अधिवक्ता व उसके मुंशी के खिलाफ बदायूं सिविल लाइन कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है।

31 दिसंबर-2015 को धनारी थाना गेट पर पुलिस वाहन चेकिंग कर रही थी, जिससे वाहनों की लंबी कतारें लग गईं थीं, दिल्ली में डेकोरेशन का कार्य करने वाले उमेश कुमार परिवार सहित कार से अपने घर छपरा गांव जा रहे थे। कार रोककर देखने लगा कि क्यों जाम लगा है। इसी बीच एक तेज रफ्तार पशु तस्करों का ट्रक उमेश कुमार को रौंदता हुआ चला गया, कई मीटर तक उमेश का शव घिसटता रहा।
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इस मामले की रिपोर्ट लिखी गई थी, जिसमें सहारनपुर जिले के जगूना थाने के खानपुर गूजर गांव निवासी इरफान पुत्र मकसूद का नाम प्रकाश में आया। पुलिस ने इरफान को नामजद करके चार्जशीट दाखिल कर दी। इरफान समझ गया कि इस मामले में कई महीनों तक जेल में रहना पड़ सकता था, इसलिए उसने मुरादाबाद के शक्तिनगर 23पीएसी बटालियन निवासी श्याम लाल पुत्र बदव सिंह को दस हजार रुपये देकर अपने स्थान पर न्यायालय में पेश होने को राजी कर लिया।

16 मार्च-2016 को श्याम लाल, इरफान बनकर न्यायालय में पेश हुआ,  एक अधिवक्ता व उसके मुंशी ने इरफान के रूप में उसकी शिनाख्त की। न्यायालय ने उसे बदायूं जेल भेज दिया। जमानत खारिज हो गई, जो कथित इरफान की जमानत चार दिन पहले हाईकोर्ट से स्वीकृत हुई, अब उसकी रिहाई होनी थी, तभी इसकी भनक धनारी थानाध्यक्ष गंगा सिंह यादव को लग गई। जमानत पर सुनवाई के दौरान आपत्ति दाखिल कर दी।

जमानत तो रद्द हो गई लेकिन न्यायालय ने इस धोखाधड़ी पर रिपोर्ट दर्ज करने के आदेश दिए। बदायूं सिविल लाइंस इंस्पेक्टर अशोक कुमार ने बताया कि इस मामले में इरफान, श्याम लाल व अक अधिवक्ता और उसके मुंशी के खिलाफ धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज कर ली गई।
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