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गन्ने में मिठास नहीं, घाटे में कोल्हू संचालक, सात से आठ फीसदी ही रिकवरी

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चंदौसी। गुड के दाम अच्छे होने की वजह से कोल्हुओं का संचालन शुरू हो गया है, लेकिन अभी गन्ने में रिकवरी सात से आठ प्रतिशत ही आ रही है। देरी तक तक हुई बारिश के कारण गन्ना अभी पूरी तरह से पका नहीं है। मुनाफे की आस में जल्दी शुरू की गई गन्ने की पेराई कोल्हू संचालकों के लिए घाटे का सौदा साबित हो रही है।
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संभल जनपद में करीब एक लाख हेक्टेअर में गन्ने की फसल होती है। पिछले साल कोरोना संक्रमण के दौरान लगाए गए लॉकडाउन में लोगों ने गुड का खूब इस्तेमाल किया। तब गुड के दाम बढ़ गए थे। वर्तमान में गुड के दाम करीब 34 से 35 रुपये प्रति किलोग्राम हैं। अच्छे दाम होने पर संचालकों ने अक्तूबर माह की शुरूआत में कोल्हू संचालित कर गन्ने की पेराई शुरू कर दी। गन्ना मूल्य 240 से 260 रुपये प्रति क्विंटल में खरीदा जा रहा है। गुड के दाम बहुत अच्छे हैं, लेकिन गन्ने में सात से आठ फीसदी रिकवरी आ रही है। रिकवरी कम होने से कोल्हू संचालकों को नुकसान उठाना पड़ा रहा है।
पिछले सत्र से 15 दिन बाद संचालित हुए कोल्हू
पेराई सत्र 2020-21 में सितंबर माह में ही कोल्हू चल गए थे और गन्ने की पेराई शुरू कर दी थी। तब भी रिकवरी अच्छी नहीं मिली थी। इस बार कोल्हू संचालकों ने पिछले साल से सबक लेते हुए करीब 15 दिन बाद अक्तूबर माह की शुरूआत में कोल्हुओं का संचालन शुरू किया है। इसके बावजूद अभी भी पिछले साल वाली स्थिति है। गन्ने में सात से आठ फीसदी रिकवरी आ रही है। गन्ना पूरी तरह से पकने यानी फसल तैयार हो जाने पर करीब 12 फीसदी से 13 फीसदी तक रिकवरी आती है।
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गन्ने में मिठास कम, पानी ज्यादा
गन्ने में ग्लूकोज व सुक्रोज दो तत्व होते हैं। ग्लूकोज पानी होता है और सुक्रोज उसकी मिठास होती है। जब बारिश लंबी यानी बाद तक होती है तो पौधे धूप या जमीन से अपनी खुराक नहीं ले पाते हैं। ऐसे में वे सुक्रोज यानी मिठास हो ही अपना आहार बनाते हैं। पिछले महीने काफी बारिश हुई। जिससे गन्ने में मिठास कम है और पानी ज्यादा है। कोल्हू संचालक अतीक अहमद ने बताया कि इस समय आठ से नौ फीसदी के बीच रिकवरी आ रही है। देरी तक हुई बारिश इसका कारण है।
एक क्विंटल गन्ने से बनता है 11 से 12 किलोग्राम गुड
फसल सामान्य होने पर एक क्विंटल गन्ने में 11 से 12 किलो गुड बन सकता है, लेकिन अभी गन्ने में सुक्रोज की मात्रा कम होने से गुड का कम बन रहा है।
कोल्हुओं का संचालन शुरू हो गया है। अभी गन्ना पूरी तरह से पका नहीं है और बारिश भी बाद तक हुई है। इस कारण रिकवरी कम है। गुड के दाम अच्छे होने के कारण ज्यादा फर्क नहीं पड़ेगा।
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कुलदीप सिंह, जिला गन्ना अधिकारी, संभल
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