संभल। जुनावई ब्लाक की निष्क्रिय 56 आशाओं की सेवा समाप्ति की तलवार लटक रही है। दस दिन में इन आशाओं ने मातृ वंदना योजना के तहत पंजीकरण नहीं कराया, तो उनको निलंबित कर दिया जाएगा। समीक्षा मीटिंग के बाद डीएम ने एमओआईसी को यह आदेश दिए हैं। डीएम के आदेश से आशाओं में हड़कंप मचा है।
जुनावई ब्लाक में 169 आशाएं है। काफी संख्या में ऐसी आशाएं हैं, जो काम नहीं कर रही है। मातृ वंदना योजना सहित अन्य योजनाओं का लाभ किसी को नहीं दिलवाया और न ही कोई कार्य किया है। ब्लाक में 56 आशाएं ऐसी हैं, जिन्होंने पिछले 90 दिनों में एक भी संस्थागत प्रसव नहीं कराया है। डीएम ने निष्क्रिय आशाओं की सेवा समाप्ति के आदेश दिए हैं। एमओआईसी को आदेश दिए हैं कि यदि दस दिन में मातृत्व वंदना योजना के तहत आशाएं आवेदन नहीं कराती हैं, तो उनकी सेवाएं समाप्त कर दी जाएं। डीएम के आदेश से एमओआईसी ने विभागीय कर्मचारियों को अवगत करा दिया है। इस आदेश से कर्मचारियों में हड़कंप मचा है। डीएम ने स्पष्ट आदेश दिए हैं कि कोई भी आशा बिना ड्रेस के प्रसव रूप में प्रवेश नहीं करेगी। प्राइवेट ड्रेस में आने पर अनुपस्थिति दर्ज कराई जाएगी। डीएम ने कहा कि आशाओं के द्वारा निजी नर्सिंग होम में प्रसव कराने की प्रशासन को शिकायतें मिल रहीं हैं।
ब्लाक में 56 आशाएं निष्क्रिय हैं। डीएम ने उन्हें हटाने के आदेश दिए हैं। आशाओं को दस दिन का समय दिया गया है। इस दौरान आशाएं काम नहीं करती हैं तो उनकी सेवाएं समाप्त कर दी जाएगी।
डॉ. विरास यादव, एमओआईसी चंदौसी