संभल। जिले में बुखार का प्रकोप कम नहीं हो रहा है। लगातार मरीजों की संख्या बढ़ रही है। यह संख्या सरकारी अस्पताल के आंकड़ों के अनुसार बढ़ रही है। यदि निजी अस्पताल व क्लीनिक का आंकड़ा जोड़ा जाए तो बुखार से पीड़ित मरीजों की संख्या और भी अधिक हो सकती है। जिला स्वास्थ्य विभाग की ओर से मलेरिया की जो जांच कराई जा रही है उसमें तो मलेरिया संक्रमण से कम ही लोग पीड़ित मिल रहे हैं लेकिन निजी लैब पर जो जांच हो रही है उसमें टायफाइड से पीड़ित लोगों की संख्या अधिक है। ऐसे में सवाल उठता है कि सरकारी आंकड़ों में मरीजों की संख्या कम क्यों है और टायफाइड की जांच क्यों नहीं की जा रही है। बुधवार को जिला अस्पताल में 553 मरीजों की ओपीडी हुई। इसमें 156 मरीज बुखार से पीड़ित पहुंचे। जिसमें 23 बच्चे भी बुखार की चपेट में होने के चलते दवाई लेने पहुंचे। मंगलवार को 153 मरीज बुखार के पीड़ित पहुंचे थे। बुधवार को यह संख्या ज्यादा हो गई। इससे साफ हो गया है कि बुखार से पीड़ित मरीज बढ़ रहे हैं। जिला अस्पताल में ओपीडी कर रहे चिकित्सक डॉ. जेपी यादव ने बताया कि वायरल बुखार से पीड़ित मरीज इस समय आ रहे हैं। सभी को बचाव के तरीके बताए जा रहे हैं और दवाई दी जा रही है। मलेरिया का कोई मरीज नहीं मिला है।
दवाई लेने से लेकर पर्चा बनवाने तक धक्का मुक्की
संभल। जिला अस्पताल में बुधवार को दवाई लेने पहुंचे मरीजों को कई बार धक्का मुक्की का सामना करना पड़ा। महिलाएं अधिक संख्या में दवाई लेने के लिए पहुंचीं। पहले पर्चा बनवाने के लिए मशक्कत करनी पड़ी, बाद में दवाई लेने के लिए जद्दोजहद हुई। ओपीडी के बाहर भी लंबी कतार लग गई। सुबह दस बजे से दोपहर 12 बजे तक काफी भीड़ रही।
कोरोना से बचाव की गाइडलाइन का हो रहा उल्लंघन, संक्रमण का भी खतरा
संभल। जिस तरह से मरीजों की संख्या अस्पताल में दिनों दिन बढ़ रही है उससे कोरोना से बचाव की गाइडलाइन का भी उल्लंघन हो रहा है। यदि ऐसे में संक्रमण फैल गया तो हालात ज्यादा खराब हो जाएंगे। न कोई दूरी अपनाई जा रही है और न मास्क का इस्तेमाल कर रहे हैं। सभी लोग एक दूसरे से सटे खड़े नजर आ रहे हैं। ऐसे में जहां एक ओर कोरोना संक्रमण का खतरा बढ़ रहा है वहीं दूसरी ओर इस समय चलने वाले बुखार का भी संक्रमण फैल सकता है। अस्पतालों में कोरोना से बचाव की गाइडलाइन का पालन नहीं कराया जा रहा।