गुन्नौर/बबराला। आगरा मुरादाबाद नेशनल हाईवे पर अलीगढ़ जा रही बस से दंपती गुन्नौर उतर गए और उनके मासूम बच्चे बस में छूट गए। चालक परिचालक ने बच्चों को पुलिस के सुपुर्द कर दिया। ढूंढते हुए बच्चों के ताऊ व चाचा कोतवाली पहुंचे। पुलिस ने पहचान कराकर बच्चे उनके सुपुर्द कर दिये।
गुन्नौर थाना क्षेत्र के गांव उदयभानपुर निवासी रुपकिशोर शुक्रवार की दोपहर करीब एक बजे अपनी पत्नी, छह साल के बेटे आशीष, बेटी अर्चना तीन वर्ष के साथ दिल्ली जाने के लिए नरौरा डिपो की बस में सवार हुआ था। दिल्ली जाने के लिए उन्हें गुन्नौर में नेहरू चौक पर उतरना था। नेहरू चौक पर पहुंचने के बाद दंपती बस से उतर गएऔर बच्चे बस में सोते हुए रह गए। बस वहां से अलीगढ़ के लिए रवाना हो गई। नरौरा बैराज के पास पहुंचने पर बच्चों के जाग गए। मम्मी पापा को न देखकर दोनों रोने लगे और घर जाने की बात कही। पूछने पर बच्चों ने अपने नाम आशीष कुमार छह वर्ष पिता का नाम रुपकिशोर, उसकी बहन अर्चना कुमारी आयु करीब तीन वर्ष बताई है। नरौरा बैराज से करीब नौ किलोमीटर चालक व परिचालक बस को वापस लेकर आए और यहां नेहरू चौक पर एसआई आकाश कुमार और होमगार्ड के सुपुर्द कर दिये है। दोनों बच्चे गांव का नाम अथवा अन्य कोई जानकारी नहीं बता पा रहे थे। पुलिस ने दोनों बच्चों को फोटो सोशल मीडिया पर वायरल कर दिये। गुन्नौर में बस से उतरने के कुछ देर बाद माता-पिता को बच्चों की याद आई और ढूंढते हुए घर पहुंच गए। वहां से शुक्रवार की रात करीब नौ बजे बच्चों का ताऊ अवधेश, चाचा रमेश और हरवेश थाना गुन्नौर पहुंचे। वहां उन्होंने बच्चों की पहचान की। बच्चों ने भी उन्हें पहचान लिया। इसके बाद बच्चे उनके सुपुर्द कर दिए।