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शहर की सड़कों का हाल बेहाल, गड्ढों में चलने को मजबूर शहरवासी

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संभल। शहर में जब प्रवेश करते हैं तो शुरूआत गड्ढों से होती है। चंदौसी चौराहा हो या फिर नखासा चौराहा। रायसत्ती की ओर से आने वाला मार्ग भी गड्ढों से भरा है। चंदौसी चौराहे से अस्पताल चौराहे तक तमाम गड्ढे ही गड्ढे हैं। लोगों का कहना है कि तमाम कोशिशों के बावजूद जिम्मेदार सुध नहीं ले रहे हैं।
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चंदौसी चौराहे की ओर से शहर में जब प्रवेश होगा तो रोडवेज बस स्टेशन मार्ग सबसे पहले पड़ेगा। इस मार्ग पर एक दो नहीं बल्कि 40 गड्ढे हैं। कई जगह तो सड़क ही उखड़ गई है और बजरी फैल गई है। जिससे हादसों का खतरा बना रहता है। अस्पताल चौराहे से शंकर कॉलेज चौराहे तक भी गड्ढे कम नहीं हैं। कई जगह सड़क यहां भी उखड़ गई है। हालांकि कुछ पेचवर्क काम हुआ है, लेकिन अब यह भी उखड़ चुका है।
यही हाल अस्पताल चौराहे से आर्य समाज रोड होते हुए रायसत्ती तक का है। इस अकेले मार्ग पर सौ से अधिक गड्ढे हैं। यहां भी कई जगह तो सड़क ही उखड़ गई है। राहगीरों ने बताया कि गड्ढों के बीच और उखड़ी सड़क पर फिसलने का डर हर समय बना रहता है। अंजुमन रोड का भी हाल बुरा है।
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स्थानीय लोगों की शिकयत के बाद भी नहीं हुआ समाधान
शहर की सड़कों पर गड्ढों के बारे में ऐसा नहीं है कि किसी को जानकारी न हो। पिछले दिनों सपा नेता सुहेल इकबाल ने भी इस समस्या को उठाया। वहीं, जिला संघर्ष समिति ने तो खुद ही सड़क पर उतरकर कई गड्ढों को ईंटों से भरने का काम किया, लेकिन अफसोस अफसरों ने इस ओर ध्यान नहीं दिया। समस्या जस की तस है। जिसे आम लोगों के साथ राहगीर झेल रहे हैं।
यह बोले लोग
मुख्य सड़क में गड्ढे एक दो माह से नहीं, बल्कि डेढ़ साल से हैं। इन गड्ढों से तो बच जाते हैं, लेकिन उखड़ी सड़क से कैसे बचा जाए। यहां से गुजरना पड़ता है। जिससे बाइक फिसलने का डर लगा रहता है।
अयाज हुसैन, चमन सराय
गड्ढों और उखड़ी सड़क से धूल उड़ती है। यह धूल दुकान में घुसती है। जिससे सामान खराब होता है। गड्ढों से गुजरने के दौरान अक्सर ई-रिक्शा पलट जाते हैं। बाइक सवार भी कभी-कभी गिर जाते हैं। काफी दिनों से यह समस्या बनी हुई है, लेकिन समाधान आज तक नहीं हो सका।
रागिव, अस्पताल चौराहे के दुकानदार
ठेला लाते समय पलटने का डर रहता है। उखड़ी सड़क पर ठेले के अनियंत्रित होने की संभावना रहती है। चंदौसी चौराहे से रोडवेज बस स्टेशन तक इस सड़क को कई साल से हम ऐसे ही देख रहे हैं।
निरंजन, ठेला लगाने वाला व्यक्ति
रोडवेज के पास मुझे ठेला लगाते हुए कई साल हो गए हैं। मैं हर रोज यहां लाकर ठेेला लगाता हूं पर सड़क में हुए गड्ढे सिरदर्द हैं। राहगीरों को भी असुविधा का सामना करना पड़ता है।
चिरंजी, ठेला लगाने वाला व्यक्ति
खराब सड़कों को दुरुस्त कराने का काम जल्द शुरू होगा। इसके लिए टेंडर हो गए हैं। काम शुरू होना बाकी है। हॉटमिक्स से सड़क बनाई जानी है तो काम जल्द ही निपट जाएगा।
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रामपाल यादव, अधिशासी अधिकारी, नगर पालिका परिषद, संभल
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