चंदौसी/संभल। उत्तर प्रदेश में सरकार ने चार साल के बाद गन्ना मूल्य में 25 रुपये प्रति क्विंटल की वृद्धि की घोषणा की है। सरकार की इस घोषणा से जहां कुछ किसान संतोष व्यक्त कर रहा है, वहीं किसान नेताओं असंतुष्ट नजर आ रहे हैं। पिछले चार साल में डीजल, पेट्रोल, खाद, बीज, उर्वरकों के दाम में भारी वृद्धि हुई है। चीनी भी फुटकर में 32 रुपये प्रति किलोग्राम से बढ़कर 40 रुपये प्रति किलोग्राम तक पहुंच गई है।
महंगाई की तुलना में गन्ना मूल्य वृद्धि बहुत कम है। कम से कम हरियाणा व पंजाब राज्य के गन्ना मूल्य के बराबर सरकार को घोषणा करनी चाहिए थी। किसान संगठन के पदाधिकारियों का कहना है कि वर्तमान में महंगाई को देखते हुए गन्ना मूल्य 450 रुपये प्रति क्विंटल होना चाहिए था। हरियाणा में इस बार गन्ने का रेट 362 रुपये प्रति क्विंटल, पंजाब में 360 रुपये प्रति क्विंटल गन्ना मूल्य घोषित किया गया है। यूपी में गन्ना मूल्य वृद्धि के बाद किसानों को अगेती प्रजाति के गन्ना का मूल्य 350 रुपये प्रति क्विंटल, सामान्य प्रजाति के गन्ने का दाम 340 रुपये प्रति क्विंटल, रिजेक्ट प्रजाति के गन्ने का 335 रुपये प्रति क्विंटल की दर से भुगतान होगा।