चंदौसी। यूक्रेन के शहर खारकीव में चंदौसी के छात्र अल फहराद अपने करीब 800 साथियों के साथ फंसे हैं। उन्होंने सोमवार को अमर उजाला को फोन पर बताया कि वह सभी बेसमेंट में सो रहे थे। भारतीय समयानुसार सोमवार सुबह करीब सात बजे अचानक हुए धमाके से आंख खुली। सभी छात्र दहशत में आ गए। इसके बाद लगातार 19 धमाके हुए। यह धमाके हमारे हॉस्टल से करीब एक किलोमीटर हुए होंगे। कुछ देर के बाद फिर से शांति छा गई।
उन्होंने बताया कि सोमवार को सुबह दस बजे से बाहर का कुछ बाजार खुला तो सामान लाने की छूट दी गई थी। मैं और मेरा दोस्त पश्चिम बंगाल निवासी सोमालिया मुखर्जी भी कुछ खाने पीने का सामान ले आए। अब पानी की किल्लत होने लगी है। यहां जो पानी की आपूर्ति होती है, उसमें क्लोरीन अधिक होती है। उसे सीधे नहीं पी सकते हैं। पहले उबालना पड़ता है फिर उसके बाद उपयोग में लेते हैं। रविवार का दिन तो बिना पानी के ही बिताना पड़ा था। हम लोग 24 फरवरी से ही अधिकांश समय बेसमेंट में गुजर रहा है।