मुरादाबाद। वर्ष 1998 से बंद चल रहे उद्यान विभाग के छह नर्सरी फार्म फिर से शुरू किए जाएंगे। इनके बंद होने के कारण जिले में आलू व अन्य सब्जियों के बीजों का उत्पादन ठप था। छह नर्सरी फार्म शुरू करने के लिए 9.92 करोड़ रुपये की धनराशि स्वीकृत हुई है। इनमें से 4.94 करोड़ रुपये मिल भी गए हैं। इससे काम शुरू हो गया है। वर्ष 2024 से बीज उत्पादन शुरू हो जाएगा। इससे किसानों को उच्चकोटि के बीज सस्ते दामों में मिलेंगे।
आठ नर्सरी फॉर्म हैं जिले में, चालू सिर्फ दो
जिले में आठ नर्सरी फार्म हैं। यहां तैयार बीजों को लखनऊ स्थित प्रोसेसिंग प्लांट में भेजा जाता था। यहां से बिजों को विभिन्न जिलों के किसानों में वितरण के लिए भेजा जाता था। इनमें से छह नर्सरी फार्म वर्ष 1998 से बंद हैं जबकि दो में बीज उत्पादन हो रहा है। बिलारी स्थित 38 हेक्टेयर के फार्म में एक हेक्टेयर क्षेत्र में पौध उत्पादन किया जाता है। 20.50 हेक्टेयर क्षेत्र में आम, कटहल, नाशपाती, लीची का उद्यान है। करीब 14 हेक्टेयर क्षेत्र में आलू, दो हेक्टेयर क्षेत्र में बीजों का उत्पादन किया जाता है। वहीं सरथल स्थित 16 हेक्टेयर की राजकीय पौधशाला के 14.50 हेक्टेयर में आम, अमरूद कलमी के मदर प्लांट लगे हैं।
यह फॉर्म फिर से होंगे शुरू
स्थान ब्लॉक क्षेत्रफल (हेक्टेयर में)
राजकीय प्रक्षेत्र, रौंडा मूंढापांडे 4.31
राजकीय प्रक्षेत्र, घौंडा मूंढापांडे 12.08
राजकीय सार्वजनिक उद्यान फतेहउल्लागंज, ठाकुरद्वारा 3.947
राजकीय पौधशाला, पंडितपुर ठाकुरद्वारा 2.428
राजकीय परिक्षेत्र, रामपुर घोघर ठाकुरद्वारा 4.775