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शरजील अख्तर के पिता बोले मेरा बेटा जब से गया है मैं हंसा तक नहीं हूं

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संभल। दिल्ली पुलिस को संभल के दीपा सराय निवासी शरजील अख्तर की तलाश है। शरजील अख्तर को अलकायदा आतंकी संगठन का सदस्य बताया जा रहा है। दिल्ली पुलिस ने जो पोस्टर फिलहाल में जगह जगह चस्पा किए हैं, उनमें इसकी पुष्टि की गई है। 2013 से लापता शरजील की तलाश देश की कई एजेंसियां कर रही हैं, लेकिन अब तक शरजील का पता लगाया नहीं जा सका है।
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शनिवार को सोशल मीडिया पर दिल्ली पुलिस द्वारा लगाए गए पोस्टर वायरल होने के साथ ही संभल फिर से सुर्खियों में आ गया है। रविवार को संभल जिले की लोकल एजेंसी ने भी शरजील के परिजनों से बातचीत की है। अमर उजाला से बात करते हुए शरजील के पिता ने बताया कि उनका बेटा दिल्ली के जामिया कालेज से इंजीनियर की पढ़ाई करने गया था। 2013 में प्रथम वर्ष का रिजल्ट अच्छा आया था और दूसरे वर्ष की पढ़ाई के लिए दिल्ली गया था लेकिन उसके बाद कभी नहीं लौटा और न कभी फोन किया।
दिल्ली से आई एजेंसी ने ही अलकायदा आतंकी संगठन में शामिल होने की जानकारी दी थी। बताया कि जिस समय शरजील लापता हुआ है उस समय उसकी उम्र करीब 21 वर्ष रही होगी। दो बेटे व एक बेटी में सबसे बड़ा शरजील अख्तर था और वह पढ़ने में अच्छा था। संभल के एक इंग्लिश माध्यम स्कूल से हाईस्कूल तक पढ़ाई की थी और कंप्यूटर का बेहतर ज्ञान था। शरजील के पिता ने बताया कि उसका एडमिशन मुरादाबाद के एक विश्वविद्यालय में इंजीनियरिंग की पढ़ाई के लिए करा दिया था लेकिन उसका मन नहीं लगा और दिल्ली पढ़ाई करने के लिए चला गया।
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शरजील के पिता ने बताया कि वह और उनकी पत्नी नगर के अलग-अलग स्कूल में प्राइवेट शिक्षक के रूप में पढ़ाते हैं। बच्चों की अच्छी परवरिश के लिए हर संभव प्रयास किया लेकिन शरजील का दिमाग दिल्ली में किसी ने भटका दिया और वह हमसे दूर हो गया। यह सब बताते हुए शरजील के पिता रोने लगे। बताया कि वह बेटे के लापता होने के बाद से हंसे तक नहीं हैं। एजेंसियों के लोग आते हैं और पूछताछ कर चले जाते हैं। हम शरीफ लोग हैं हमें हर बार बेइज्जती से गुजरना पड़ता है।
शरजील बेटा लौट आओ, यह देश हमारा है और कानून हमारी मदद करेगा
शरजील बेटा लौट आओ, यह देश हमारा है और कानूनन हमारी मदद करेगा। तुम्हें माफ कर देगा कानून लेकिन लौट आओ। यह कहना है शरजील के पिता का। कहते हैं कि उन्हें नहीं पता बेटा कहां है बस एजेंसियों से आए लोगों ने बताया है कि शरजील अलकायदा से जुड़ गया है। अगर शरजील आतंकी संगठन से जुड़ गया है तो वह लौट आए, देश का कानून गुनाह की सजा देगा और फिर माफ कर देगा। फिर परिवार के साथ तो शरजील रह सकता है।
जिले की खुफिया इकाई को नहीं पता कब से गायब है शरजील अख्तर
शरजील अख्तर को जिले की खुफिया इकाई 1999 से लापता मानती है जबकि 1991 में तो शरजील का जन्म हुआ और 2013 में लापता हुआ। शरजील के परिजनों ने जो जानकारी दी है उससे जाहिर हो जाता है कि जिले की इकाई को नहीं मालूम कि शरजील कब से लापता है। मालूम हो दीपा सराय से सईद अहमद और मौलाना आसिम उमर उर्फ शन्नू भी लापता हुए थे। यह दोनों लोग भी अलकायदा से जुड़े होने की बात दिल्ली से आए खुफिया एजेंसियों के अधिकारियों ने इन दोनों के परिवार को बताई थी।
मौलाना आसिम उमर उर्फ शन्नू अमेरिका और अफगानिस्तान सेना के संयुक्त ऑपरेशन में कई वर्ष पहले मारा जा चुका है। जबकि सईद अहमद की कोई जानकारी नहीं है। हाल ही में लखनऊ एटीएस ने अलकायदा से जुड़े दो संदिग्ध पकड़े थे तो सईद अख्तर उर्फ उमर हलमंदी का नाम सामने आया था।
छोटा बेटा कहता है बाहर जाकर पढ़ने को, लेकिन नहीं भेजूंगा एक बेटा खो चुका हूं
शरजील के परिवार के बारे में लोग बताते हैं कि यह लोग पढ़े लिखे और शरीफ हैं। शरजील अख्तर को किसी ने भटका दिया और वह लापता हो गया। शरजील के पिता कहते हैं कि उनका छोटा बेटा कहता है कि वह बाहर जाकर पढ़ाई करेगा लेकिन मैं उसको नहीं भेजूंगा क्योंकि बड़े बेटे को खो चुका हूं। सोचा था शरजील पढ़ाई पूरी कर कामयाब हो जाएगा तो हमारी परेशानी कम हो जाएगी लेकिन यह नहीं सोचा था कि बेटा हमेशा के लिए दूर हो जाएगा।
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