चंदौसी के जिला न्यायालय परिसर में अधिवक्ता को जेल भेजने के मामले में हंगामा करते अधिवक्ता।
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संभल। गुन्नौर कोतवाली पुलिस ने अधिवक्ता को एक जमीनी विवाद के चलते धोखाधड़ी के आरोप में जेल भेज दिया। इसकी जानकारी अधिवक्ताओं को हुई तो रोष पनप गया और पुलिस क्षेत्राधिकारी और गुन्नौर कोतवाली पुलिस के खिलाफ जिला न्यायालय परिसर में विरोध प्रदर्शन कर कार्रवाई की मांग की। इस दौरान न्यायायिक कार्य भी बाधित रहा। अधिवक्ताओं ने साथी अधिवक्ता पर दर्ज की गई रिपोर्ट को खत्म करने की मांग उठाई। हंगामा कर रहे अधिवक्ताओं को सीजेएम ने आश्वासन दिया तब हंगामा शांत हो सका।
गुन्नौर कचहरी में भी अधिवक्ताओं ने रोष जाहिर किया। गुन्नौर कोतवाली क्षेत्र के गांव नगला अजमेरी डांडा निवासी अधिवक्ता भद्रपाल सिंह जिला न्यायालय संभल स्थित चन्दौसी में वकालत करते हैं। भद्रपाल सिंह के खिलाफ गांव के ही निवासी अधिवक्ता हरिओम ने जमीनी विवाद के चलते कुछ दस्तावेज गायब करने के आरोप में 24 सितंबर को रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसी क्रम में पुलिस ने गिरफ्तारी कर जेल भेज दिया है। सोमवार को रात उस समय अधिवक्ता को गिरफ्तार किया गया जब वह न्यायालय से घर लौट रहे थे। जैैैसे ही गुन्नौर के गांव कैथल के नजदीक पहुंचे तो पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। साथ ही आनन-फानन में गुन्नौर न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया।
मंगलवार की सुबह जब अधिवक्ताओं को इसकी जानकारी हुई तो रोष पनप गया। चंदौसी जिला न्यायालय में हंगामा कर पुलिस के खिलाफ नारेबाजी की। और राजनीतिक दबाव में कार्रवाई का आरोप लगाया। सीजेएम ने अधिवक्ताओं से वार्ता की और जमानत अर्जी दाखिल करने के लिए कहा। अब जमानत अर्जी पर 30 सितंबर को सुनवाई होगी। सीजेएम की ओर से आश्वासन मिलने के बाद अधिवक्ताओं का रोष शांत हुआ। इस दौरान विनोद कुमार सिंह, मनोज वाजपेई, सगीर सैफी, राजेश, शमीम, कमर अली, बलराम सिंह, आकाश मिश्रा, आशीष, अजय सिंह, नूतन विजय, टेकचंद यादव आदि मौजूद रहे।