डॉ. प्रवीण तोगड़िया ने लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि सिंकदर के पहले हजारों वर्षों तक भारत पर किसी ने हमला करने का साहस नहीं किया था। यह देश समृद्ध था और सुरक्षित था। जहां समृद्धि है, सुरक्षा है वहां पर सुख-शांति और विकास है। सिकंदर के बाद निरंतर हमले हो रहे हैं। गांव का जलना, बहन बेटियों का अपहरण, चप्पे-चप्पे पर हमें लड़ना पड़ा। हम सौ लड़ाई लड़े तो 80 हार गए, लड़ाई हारे पर हम नहीं हारे। जब तक नहीं जीते, तब तक लड़ते रहे।
अब सवाल यह है कि हम शौर्यवान थे तो हारे क्यों? हारे इसलिए एक जगह नहीं एकत्र नहीं थे। सोमनाथ, गुजरात, राजस्थान और चित्तौड़गढ़ दुर्ग हमला इसका उदाहरण है। आगे कहा कि इस एतिहासिक गलती को हमने ठीक किया और फिर राम मंदिर के लिए एक हो गए। पूरे देश के 100 करोड़ हिंदू जाग गए। जागने के दो बड़े परिणाम आए। पहला अयोध्या में राम जन्मभूमि पर मंदिर बनना शुरू हुआ। देश में उस समय तक मंदिर टूटे थे, लेकिन छह दिसंबर को विवादित ढांचा टूटा और मंदिर बन गया। पहले से जागे होते तो पूरी दुनिया में हिंदुओं का राज होता। सर तन से जुदा करने वाले और समृद्धि लूटने वाली बाबर की औलाद को अब सिर नहीं उठाने देंगे।