धनारी (चंदौसी)। संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर भारतीय किसान यूनियन के कार्यकर्ताओं ने गांव गढ़ा में प्रधानमंत्री के पुतले में आग लगा दी। यहां मौके पर पहुंची पुलिस ने पुतला छीनकर आग को बुझाया। इनके अलावा कई अन्य गांवों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पुतले व कृषि कानून की प्रतियों को फूंका गया। कुछ स्थानों पर किसान नेताओं की निगरानी में पुलिस लगी रही।
शनिवार को भाकियू पदाधिकारी अमर सिंह के नेतृत्व में कुछ कार्यकर्ता गांव गढ़ा में एकत्र हो गए और पीएम मोदी का पुतला तैयार कर लिया। इस दौरान पुलिस भी वहां पहुंच गई। पुलिस को देखते ही पदाधिकारियों ने पुतले को आग लगा दी। आनन फानन पुलिस ने जलाते हुए पुतले पर लाठी बरसा कर आग बुझाई। अमर सिंह ने कहा कि दिल्ली-यूपी बॉर्डर पर आंदोलित किसानों की सरकार सुन नहीं रही है। इससे किसानों में रोष है। उन्होंने कहा कि जब तक किसानों की मांग पूरी नहीं हो जाती, आंदोलन जारी रहेगा। इस इस मौके पर संजीव यादव, मुकेश यादव, वीरेश यादव, मनवीर सिंह, धर्मपाल कुशवाह, बाली कुशवाहा, महेश यादव, प्रवेश यादव, महेंद्र सिंह, अतर सिंह, भूदेव यादव, अमर यादव, नेकसे यादव, ब्लॉक उपाध्यक्ष हरीश कुशवाह, आदि रहे।
भाकियू कार्यकर्ताओं ने 14 जगहों पर फूंके प्रधानमंत्री और गृहमंत्री के पुतले
धनारी। भाकियू किसान नेता संजीव यादव का दावा है कि किसान संयुक्त मोर्चा के आह्वान पर भाकियू पदाधिकारियों ने अनार सिंह ने सुनवर सराय, नेमपाल सिंह व शंकर सिंह आर्य ने दिन्नौरा में, हरिकृष्ण यादव ने गांव भोजराजपुर, मोहरपाल सिंह ने हरफरी गांव, कुमरपाल सिंह ने गांव उदरनपुर अजमत नगर, सुदेश यादव ने गांव पीपलबाडा, राहुल यादव ने गांव लुहामई, गौरव चौहान ने गांव छपरा, वीरभानु सिंह ने गांव सिकरौरा, हरज्ञान सिंह ने गांव बदंरई, हरिओम यादव ने गांव जडबार, कोजीराम मास्टर ने गांव अफजलपुर, नरेश शर्मा ने गांव जयरामनगर, अमरसिंह राजपुत ने गांव गढ़ा में विरोध प्रदर्शन करते हुए नारेबाजी की। साथ ही प्रधानमंत्री और गृहमंत्री का पुतला फूंका। इसके बाद तीनों कृषि कानूनों की प्रतियां भी जलाईं।