संभल के दीपासराय में बवाल के आरोपियों को पकड़ने के लिए दी गई दबिश के दौरान पूछताछ करता पुलिसकर्मी। अमर उजाला
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चार दिन पहले दीपा सराय में बवाल करने के बाद पुलिस की आंखों से ओझल हुए आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए रविवार को पुलिस ने ताबड़तोड़ दबिश दी। इससे पहले मंडलभर से पहुंची पुलिस ने पूरे इलाके की नाकेबंदी कर दी थी। तड़के डीआईजी के नेेतृत्व में तीन घंटे तक चली कार्रवाई में दस आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।
नखासा थाना पुलिस 29 मार्च को नगर के मोहल्ला दीपा सराय में गोवंशीय पशुओं की हत्या करने के आरोपी को पकड़ने के लिए गई थी। तभी कुछ लोगों ने पुलिस पर धर्मग्रंथ की बेहुरमती का आरोप लगाते हुए हंगामा कर दिया था। बल्ले की पुलिया पर जाम लगा दिया और जाम खुलवाने पहुंचे एसडीएम-सीओ को दौड़ा लिया।
असमोली पुलिस को लाठी डंडों से पीटा, पुलिस पर पथराव किया। साथ ही एसडीएम के अर्दली जैत सिंह के साथ बुरी तरह मारपीट कर गंभीर रूप से घायल कर दिया था। इस मामले में नखासा पुलिस ने 25 लोगों को नामजद करते हुए 500-600 अज्ञात पुरुष और महिलाओं के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की थी।
इतने दिन की चुप्पी के बाद रविवार को तड़के डीआईजी ओंमकार सिंह के नेतृत्व में पुलिस ने दीपा सराय में दबिश दी। दबिश से पहले पुलिस फोर्स की टीम बनाई गई और टीम को अलग-अलग स्थानों पर तैनात कर दिया गया।
पूरी दीपा सराय छावनी में तब्दील हो गई। इसके बाद पुलिस ने ताबड़तोड़ दबिश दी। तीन घंटे तक चली कार्रवाई के दौरान पुलिस ने दस आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। इधर, पुलिस कार्रवाई से बलवे के आरोपियों में दहशत है।