धर्मस्थल से छेड़खानी की आशंका में गुरुवार को शहर हाई अलर्ट पर रहा। मंडल भर के जनपदों की पुलिस तैनात की गई थी। यहां आने जाने वाले रास्तों और शहर में कई स्थानों पर चेकिंग हुई, पूरे दिन नाकेबंदी रही।
बसों-वाहनों में चेकिंग हुई, संभल-मुरादाबाद मार्ग स्थित सिरसी तक में जबर्दस्त चेकिंग अभियान चला। संभल आने वाले लोगों की चेकिंग हुई। शक पर किसी को भी छोड़ा नहीं गया। पुलिस की सक्रियता से लोगों में खलबली मची रही। वहीं अवाम ने उन अफवाहों को खारिज कर दिया, जिनके जरिए अमन को आंच आ सकती थी।
इससे पहले दीपासराय बवाल के बाद तनाव और अफवाहों के बीच सुदर्शन न्यूज चैनल के फेसबुक पेज पर 13 अप्रैल के लिए संभल कूच का आह्वान किया गया था। इसको लेकर सुरक्षा के एहतियाती इंतजाम किए गए थे।
डीआईजी रेंज ओंकार सिंह खुद संभल में मौजूद रहे। जामा मस्जिद की सुरक्षा पर विशेष तौर पर फोकस था। जामा मस्जिद की ओर जाने वाले प्रत्येक रास्ते पर नाकेबंदी की गई थी। डीआईजी, डीएम और एसपी ने ड्यूटी प्वाइंट पर पुलिस को चेक किया। इसके बाद अफसर कोतवाली पहुंचे। कोतवाली एहतियाती सुरक्षा इंतजामों पर बैठक की।
स्कूल-कॉलेज खुले रहे, मगर उपस्थिति रही कम
मार्केट और सार्वजनिक स्थल भी सुरक्षा घेरे में थे। एडीएम और एएसपी भी भ्रमण पर रहे। अधिकतर स्कूल-कालेज भी खुले रहे लेकिन आम दिनों की तुलना में उपस्थिति कम रही। जिले के सभी एसडीएम और कई विभागों के अधिकारियों को मजिस्ट्रेट बनाकर संभल नगर और संभल की सीमाओं पर तैनात रखा गया था।
इस तरह की नाकेबंदी थी कि पुलिस किसी को भी कहीं भी रोक सकती थी। जनपद की सीमाओं मजिस्ट्रेटों की निगरानी में वाहनों की चेकिंग हुई। संभल शहर में 1500 से अधिक पुलिसकर्मी तैनात रहे।
संभल शहर में एहतियाती तौर पर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था है। लोग भी समझदारी दिखा रहे हैं। अच्छी बात यह है कि कानून व्यवस्था बनाए रखने में सभी लोग सहयोग दे रहे हैं। पुलिस की सतर्कता जारी रहेगी। ओंकार सिंह, डीआईजी।
धार्मिक स्थल के साथ छेड़खानी किए जाने की आशंका थी इसलिए कड़ी सुरक्षा करनी पड़ी। पुलिस बल की तैनाती की गई। अफसर भी लगाए गए। संभल नगर के सार्वजनिक स्थलों और आने जाने वाले रास्तों पर निगरानी गई।
कई स्थानों पर चेकिंग कराई गई। रेंज के जनपदों की फोर्स संभल में लगाई गई। डेढ़ हजार से अधिक पुलिसकर्मी संभल में एहतियाती सुरक्षा उपायों के तहत ड्यूटी पर रहे। यह एहतियाती सुरक्षा तब तक जारी रहेगी जब तक संभल का माहौल सामान्य नहीं हो जाता है।रविशंकर छवि, पुलिस अधीक्षक।