चंदौसी। धनारी के गांव मुडैना में जातीय विरोध के बीच पहली बार पुलिस की देखरेख में वाल्मीकि परिवार के दरवाजे तक बरात चढ़त हुई। पुलिस ने इस मामले में शांतिभंग की आशंका जताते के आरोप में सात लोगों को गिरफ्तार कर लिया और उनका धारा-151 में चालान कर दिया। उपजिलाधिकारी न्यायालय से उन्हें जमानत दे दी गई। शादी की रस्में और सुबह बरात को विदा कराकर ही पुलिस लौटी।
गांव मुडैना निवासी रविंद्र वाल्मीकि के प्रार्थना पत्र पर एसपी चक्रेश मिश्र ने गांव में बरात चढ़त कराने के निर्देश दिए थे। बुधवार रात सवा नौ बजे तक सीओ की देखरेख में बरात चढ़त कराई गई। इस दौरान धनारी पुलिस ने शांतिभंग की आशंका में गांव मुडैना निवासी विरेश यादव, श्योराज यादव, राजपाल यादव, कररू मौर्य, महेंद्र शर्मा, रामचंद्र शर्मा, शंकर दत्त शर्मा को गिरफ्तार कर लिया था। सभी का बुधवार सुबह शांतिभंग करने के आरोप में चालान कर दिया। साथ ही उन्हें एसडीएम न्यायालय में पेश किया।
एसडीएम ने सभी को मुचलका पाबंद कर जमानत पर छोड़ दिया। बरात चढ़त के बाद सीओ वापस आ गए थे। रात में धनारी इंस्पेक्टर मुकेश कुमार की देखरेख में शादी की रस्में पूरी की गईं। बृहस्पतिवार सुबह परंपरागत तरीके से बरात की विदाई हुई। दोपहर तक अन्य पुलिस कर्मी गांव में तैनात रहे। गांव में शांति बनी हुई है।
धनारी थाने के गांव मुडैना में कुछ लोग वाल्मीकि समाज की बरात चढ़त में व्यवधान डालते थे। पुलिस की देखरेख में बरात की चढ़त व अन्य रस्में पूरी कराई गईं। पुलिस ने शांतिभंग की आशंका में कुछ लोगों को गिरफ्तार कर लिया था। उनका शांतिभंग के आरोप में चालान किया गया है।
-चक्रेश मिश्र, एसपी संभल।