चंदौसी। पुलिस अपने कारनामों को लेकर आए दिन चर्चा में बनी रहती है। कुछ समय पूर्व अमरोहा जनपद की पुलिस ने बेटी की हत्या के आरोप में पिता-पुत्र को गिरफ्तार कर जेल में भेज दिया था। बाद में बेटी जिंदा मिली, जिसके बाद अमरोहा पुलिस की काफी फजीहत भी हुई थी।
संभल जिले के थाना बनियाठेर पुलिस ने एक अलग ही कारनामा कर दिखाया है। पुलिस ने सात साल पहले बीमारी के चलते मरे युवक के खिलाफ ही छेड़खानी और मारपीट का मुकदमा दर्ज कर लिया है। अब मामला सामने आने पर एसपी जांच में नाम संशोधित करने की बात कह रहे हैं।
थाना बनियाठेर क्षेत्र के गांव गुमथल में छेड़खानी की शिकायत करने पर सात जनवरी को दो पक्षों में जमकर मारपीट हुई थी। मारपीट में तीन लोग गंभीर रूप से घायल भी हुए थे। सात जनवरी को ही छेड़खानी की शिकायत करने वाले पीड़ित पक्ष की ओर से दूसरे पक्ष के इंद्रपाल सहित छह के खिलाफ छेड़खानी और मारपीट की रिपोर्ट दर्ज की थी। बाद में 11 जनवरी को दूसरे पक्ष ने भी इसी मामले की पुलिस से शिकायत की। इस मामले में इंद्रपाल ने दूसरे पक्ष के हरनाम सिंह, उसके बेटे अनिल, सुनील, भतीजा अजय, कुलदीप व सुरेश के खिलाफ घर में घुसकर मारपीट करने, छेड़खानी करने, बलवा, एससीएसटी एक्ट की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कराई है।
हैरानी की बात यह है कि पुलिस ने दूसरे पक्ष की तहरीर पर घटना के पांचवें दिन रिपोर्ट दर्ज की है और उनमें आरोपी कुलदीप की 29 जुलाई 2014 बीमारी के चलते मौत हो चुकी है। उसका मृत्यु प्रमाण पत्र भी बना हुआ है। पुलिस ने बिना जांच पड़ताल के ही मृत युवक को छेड़खानी और बलवा का आरोपी बना दिया।
आस पड़ोस में नहीं है सुरेश नाम का कोई व्यक्ति, फिर भी बनाया आरोपी
पुलिस ने इंद्रपाल की तहरीर पर हरनाम, उसके दो बेटों, दो भतीजों, सुरेश पुत्र चंद्रपाल सिंह के खिलाफ छेड़खानी, बलवा और एससीएसटी एक्ट की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज है। हैरानी की बात यह है कि आरोपी पक्ष के परिवार अथवा आसपास में सुरेश नाम का भी कोई व्यक्ति नहीं रहता है।
तहरीर के आधार थाने में रिपोर्ट दर्ज की थी। मृतक कुलदीप के भाई का नाम प्रदीप है। हो सकता है कि गलती से नाम दर्ज करा दिया गया हो। पुलिस की जांच में इस नाम को संशोधित किया जाएगा।
चक्रेश मिश्र, एसपी, संभल