संभल। चुनावी बयार में प्रदेश सरकार की ओटीएस योजना मंद पड़ गई है। जिले में संभल, चंदौसी बबराला डिवीजन क्षेत्र से जुड़े विद्युत उपभोक्ताओं पर अब भी 214 करोड़ रुपये का बकाया है। जिसे अब चुकाने में बकायेदार कतरा रहे हैं। वजह यह है कि चुनाव सिर पर है और सपा, आप ने सरकार बनने पर 300 यूनिट बिजली फ्री देने का वायदा करके लोगों को लुभाया है। इससे बकायेदार यह भी मान रहे हैं कि बिजली बिल माफ भी हो सकता है।
अक्तूबर-2020 के अंत में शासन ने बकाएदारों से बिल वसूली के लिए ओटीएस योजना शुरू की थी। योजना का उद्देश्य बकाएदारों से बिल की वसूली करना और उन्हें सरचार्ज और जुर्माने की राशि से छूट देना था। ओटीएस योजना लागू करने के बाद अधिकारियों ने योजना के पात्र लाभार्थियों की सूची बनाई तो संख्या 221198 पहुंच गई। इन पर बकाया भी 237 करोड़ रुपये निकला। अधिक से अधिक बकायेदारों को योजना का लाभ मिले, इसके लिए विभाग ने प्रचार-प्रसार करने का खूब दावा किया लेकिन हकीकत में योजना शुरू होने के तीन माह बाद तक जिले में लक्ष्य के सापेक्ष आधी भी वसूली नहीं हो पाई है।
संभल डिवीजन क्षेत्र में कुल लाभार्थी संख्या 93587 में 15503 बकायेदारों ने योजना का लाभ लिया है। चंदौसी डिवीजन क्षेत्र में कुल 80601 लाभार्थियों में से 11919 बकायेदारों ने योजना का लाभ लिया, जबकि बबराला डिवीजन में 47010 में सिर्फ 3558 बकायेदारों ने ओटीएस के तहत पंजीकरण कराया और बकाया जमा किया।
अधिक से अधिक बकाया बिल जमा हो सके, इसके लिए हमेशा प्रयासरत रहते हैं। 31 जनवरी- 2022 तक ओटीएस योजना लागू है। योजना का व्यापक स्तर पर प्रचार-प्रसार के लिए एसडीओ व जेई द्वारा गांव-गांव में कैंप भी लगाए जा रहे हैं। योजना के अंतर्गत बकायेदारों को बिल जमा कर देना चाहिए।
विजय कुमार यादव, अधिशासी अभियंता, विद्युत वितरण खंड, संभल