प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संभल के ऐंचोड़ा कंबोह में श्री कल्कि धाम मंदिर का शिलान्यास किया। उन्होंने कहा कि हमारे तीर्थों का विकास होने के साथ शहरों में हाई टेक इंफ्रास्ट्रक्चर भी तैयार हो रहा है। आज अगर मंदिर बन रहे हैं तो देश भर में नए मेडिकल कॉलेज भी बन रहे हैं। यह परिवर्तन इस बात का प्रमाण है कि समय का चक्र घूम चुका है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि आज का भारत विरासत के साथ विकास के मंत्र पर तेजी के साथ दौड़ रहा है। आज अगर मंदिर बन रहे हैं तो देशभर में मेडिकल कॉलेज भी। आज विदेशों से हमारी प्राचीन मूर्तियां वापस लाई जा रही हैं और रिकॉर्ड संख्या में विदेशी निवेश भी आ रहा है। हमारे तीर्थों का विकास हो रहा है तो शहरों में हाईटेक इंफ्रास्ट्रक्चर भी तैयार किया जा रहा है। प्रधानमंत्री सोमवार को संभल के ऐंचोड़ा कंबोह में श्री कल्कि धाम के शिलान्यास के बाद सभा को संबोधित कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि यह बेहद ही अद्भुत अवसर है कि उस भगवान का मंदिर बनने जा रहा है जिनका अवतार होना बाकी है। हम भविष्य को लेकर तैयार रहने वाले लोग हैं, तभी तो पूरे विश्वास के साथ मान्यताओं को अपनाते हैं। पीएम ने कहा कि पिछले ही महीने देश ने अयोध्या में 500 साल के इंतजार को पूरा होते देखा है। रामलला के विराजमान होने का अलौकिक अनुभव, वो दिव्य अनुभूति अब भी भावुक कर जाती है। इस बीच हम देश से सैकड़ों किलोमीटर दूर अरब की धरती पर अबू धाबी में पहले विराट मंदिर के लोकार्पण के भी साक्षी बने हैं।
पीएम ने कहा कि इसी कालखंड में हमने विश्वनाथ धाम के वैभव को निखरते देखा है, काशी का कायाकल्प होते देख रहे हैं। महाकाल के महालोक की महिमा, सोमनाथ का विकास ,केदारघाटी पुनर्निर्माण देखा है और अब कल्कि धाम का शिलान्यास हुआ है। कल्कि कालचक्र के परिवर्तन के प्रणेता भी हैं और प्रेरणा स्रोत भी हैं। भारत पराभव से भी विजय को खींच लाने वाला राष्ट्र है। हम पर सैकड़ों बार इतने आक्रमण हुए। अगर कोई दूसरा देश और दूसरा समाज होता तो इतने आक्रमणों से पूरी तरह नष्ट हो गया होता।
श्री कल्कि धाम का शिलान्यस करने आए पीएम मोदी आचार्य प्रमोद कृष्णम का कद बढ़ा गए। उन्होंने प्रमोद कृष्णम के इस संकल्प की सराहना की। कहा कि मैं प्रमोद कृष्णम जी को एक राजनीतिक व्यक्ति के रूप में जानता था लेकिन जब वो मुझसे मिले तो पता चला कि वह धार्मिक और आध्यात्मिक व्यक्ति हैं। कल्कि मंदिर के लिए इन्हें पिछली सरकारों से लंबी लड़ाई लड़नी पड़ी। कोर्ट के चक्कर भी लगाने पड़े। एक समय उन्हें कहा जा रहा था कि मंदिर बनाने से शांति व्यवस्था बिगड़ जाएगी। आज हमारी सरकार में प्रमोद कृष्णम जी निश्चिंत होकर इस काम को शुरू कर पाए हैं। मुझे भरोसा है कि यह मंदिर इस बात का प्रमाण होगा कि हम बेहतर भविष्य को लेकर कितने सकारात्मक रहने वाले लोग हैं।
पीएम ने कहा कि आचार्य प्रमोद कृष्णम कह रहे थे कि 18 साल की प्रतीक्षा के बाद आज ये अवसर आया है। वैसे भी आचार्य जी कई ऐसे अच्छे काम हैं जो कुछ लोग मेरे लिए ही छोड़कर चले गए हैं। आगे भी जितने अच्छे काम रह गए हैं, उन्हें भी पूरा कराएंगे। इसके लिए संतों का, जनता जनार्दन का आशीर्वाद बना रहे।
प्रमोद कृष्णम ने पीएम का स्वागत करते हुए कहा कि मेरे पास आपको देने के लिए कुछ नहीं है, मैं सिर्फ भावना व्यक्त कर सकता हूं। इस पर पीएम मोदी ने कहा कि अच्छा हुआ कुछ दिया नहीं वरना जमाना ऐसा बदल गया है कि अगर आज के युग में सुदामा श्रीकृष्ण को एक पोटली में चावल देते तो वीडियो निकल आती, सुप्रीम कोर्ट में पीआईएल दाखिल हो जाती और जजमेंट आता कि भगवान कृष्ण को भ्रष्टाचार में कुछ दिया गया है।
पीएम ने अपने संबोधन की शुरुआत संभल जिले में स्थित कैला देवी और बूढ़े बाबा के प्राचीन मंदिरों के जयकारे से की। साथ ही जयंती के मौके पर छत्रपति शिवाजी को याद किया। कहा कि आज हम देश में जो सांस्कृतिक पुनरोदय देख रहे हैं, आज अपनी पहचान पर गर्व और उसकी स्थापना का जो आत्मविश्वास दिख रहा है, वो प्रेरणा हमें छत्रपति शिवाजी महाराज से ही मिलती है।
पीएम ने अपने संबोधन में पिछले दस वर्षों की उपलब्धियां भी गिनाईं। उन्होंने कहा कि पिछले 10 वर्षों में चार करोड़ से ज्यादा लोगों को प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत पक्के घर, 11 करोड़ परिवारों को शौचालय , 2.5 करोड़ परिवारों को घर में बिजली, 10 करोड़ से अधिक परिवारों को पानी के लिए कनेक्शन, 80 करोड़ लोगों को मुफ्त राशन, 10 करोड़ महिलाओं को कम कीमत पर गैस सिलिंडर, 50 करोड़ लोगों को स्वस्थ जीवन के लिए आयुष्मान कार्ड, करीब 10 करोड़ किसानों को सम्मान निधि, कोरोना काल में हर देशवासी को मुफ्त वैक्सीन, स्वच्छ भारत जैसा बड़ा अभियान मिला। आज पूरी दुनिया में भारत के इन कामों की चर्चा हो रही है।