संभल। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में टीका लगाए बिना प्रमाणपत्र देने के लिए एक सौ रुपये ले रहे फार्मासिस्ट को सीएचसी प्रभारी ने हटा दिया है। फार्मासिस्ट तीन महीने की ट्रेनिंग के लिए सीएचसी में कई महीने पहले आया था। अब सीएचसी में कर्मचारी उससे सहयोग ले रहे थे। इसी सहयोग की आड़ में टीकाकरण में खेल कर दिया। अमर उजाला के स्टिंग के दौरान यह मामला उजागर हुआ। हालांकि अभी रुपये लेकर प्रमाणपत्र दिलाने वाले दूसरे कर्मचारी पर कोई कार्रवाई नहीं हुई है।
मालूम हो गुरुवार को संभल सीएचसी में ट्रेनिंग करने आए फार्मासिस्ट चंद्रप्रकाश ने टीका लगाए बिना प्रमाणपत्र देने के एक सौ रुपये वसूले। इस भ्रष्टाचार का स्टिंग किया गया। फार्मासिस्ट के इस भ्रष्टाचारी रूप के चलते टीकाकरण में खेल उजागर हुआ। अमर उजाला ने इस स्टिंग को प्रमुखता से प्रकाशित किया। इसके बाद यह कार्रवाई हुई है। हालांकि अभी सीएचसी के कर्मचारी पर कोई कार्रवाई नहीं की गई।
सवाल उठता है कि स्वास्थ्य विभाग इतनी बड़ी लापरवाही में भी मामले की इतिश्री करने में क्यों लगा हुआ है। जबकि यह मामला लोगों की सेहत से जुड़ा हुआ है और गंभीर है। इसके बाद भी इस तरह की कार्यशैली कई सवाल खड़े करती है।
मुरादाबाद के एक निजी कॉलेज से डीफार्मा कर चुके फार्मासिस्ट को तीन महीने की ट्रेनिंग के लिए सीएचसी भेजा गया था। उसी के द्वारा रुपये लेने की बात सामने आई। उसको अस्पातल से हटा दिया गया है।
डा. मनीष अरोड़ा, सीएचसी प्रभारी, संभल