हेपेटाइटिस सी से ग्रस्त रामनगर गांव के लोग कराह रहे हैं। वायरल संक्रमित बीमारी से एक-एक परिवार में कई-कई लोगों की जान जा चुकी हैं। हालांकि इस बीमारी से बचाव के लिए आर्थिक रूप से मजबूत लोग दिल्ली व अन्य शहरों के निजी अस्पतालों में उपचार करा रहे हैं, लेकिन कमजोर लोग सरकारी दवाइयों पर ही निर्भर हैं। ग्रामीणों का दावा है कि पीने के लिए स्वच्छ पानी नहीं मिल है। इस कारण रामनगर गांव में हेपेटाइटिस सी का प्रभाव बढ़ रहा है। यह बीमारी लोगों के लीवर को संक्रमित कर रही है। डीएम का कहना है कि गांव में स्वच्छ पानी के टैंकर भेजे जा रहे हैं।
असमोली ब्लॉक क्षेत्र के रामनगर गांव की करीब चार हजार आबादी है। इस गांव में हेपेटाइटिस सी से जान गंवाने वाले लोगों की जानकारी स्वास्थ्य विभाग के पास पहुंची तो हड़कंप मच गया। गांव में पीड़ित लोगों की जांच शुरू कराई गई है। पिछले 15 दिनों में हुई 293 जांचों के दौरान ही 160 मरीज सामने आए हैं। स्वास्थ्य विभाग को अंदेशा है कि इस गांव में मरीजों की संख्या काफी हो सकती है।
ग्रामीणों के मुताबिक गांव में पिछले एक वर्ष के दौरान करीब 40 लोगों की जान गई हैं। लोगों का दावा है कि सभी हेपेटाइटिस सी से पीड़ित थे। इस गांव में कई परिवार ऐसे भी हैं जिनके परिवार से दो या तीन सदस्यों की मौत हो गई और अभी तीन से चार लोग हेपेटाइटिस से पीड़ित हैं।
हैंडपंप से निकल रहा दूषित पानी
संभल। रामनगर गांव में जो लोग आर्थिक रूप से मजबूत हैं, वे पानी खरीदकर पी रहे हैं लेकिन मजदूर वर्ग के लोग हैंडपंपों का पानी पीने के लिए मजबूर हैं। ग्रामीणों का कहना है कि हैंडपंप से निकला पानी कुछ ही देर में पीला हो जाता है। बर्तन तक खराब हो गए हैं। प्रदूषित पानी पीने से हेपेटाइटिस सी के अलावा भी पेट से संबंधित अन्य बीमारियां भी हो रही हैं। ओवरहैड टैंक तक गांव में नहीं बन सका। जिससे कमजोर वर्ग को स्वच्छ पानी मिल पाता।
ग्रामीण बोले- हमें स्वच्छ पानी मिल जाए यही काफी है
संभल। स्वच्छ पानी को लेकर जब गांव के लोगों से सवाल किया गया कि उन्होंने अपनी समस्या को प्रशासन तक पहुंचाया या नहीं। सभी ने एक सुर में कहा कि कई बार समस्या बताई गई और हर बार गांव के लोग एक ही मांग करते रहे हैं कि हमें स्वच्छ पानी दिया जाए जिससे लोगों की जान बच सके। ग्रामीणों ने कहा कि हमें स्वच्छ पानी मिल जाए यही काफी है। इसके अलावा गांव के लोग कोई मांग नहीं करते हैं।
पानी के नमूने लेने पहुंची जल निगम की टीम
संभल। रामनगर गांव में बृहस्पतिवार को जलनिगम की टीम ने पानी के नमूने लिए हैं। गांव में ओवरहेड टैंक बनाया जाना है। गांव के लोगों की उम्मीद जगी है कि अगर जल्दी ओवरहेड टैंक बन जाए तो स्वच्छ पानी मिल सकता है। जो बीमार हैं, उनका उपचार चलता रहेगा और आने वाली पीढ़ी को स्वच्छ जल मिल सकेगा। जलनिगम की टीम के सदस्यों ने बताया कि जल जीवन मिशन के अंतर्गत यह कार्य किया जाना है। फिलहाल पानी के नमूने जांच के लिए भेजे जाने हैं। जिससे शुद्ध पानी की जानकारी मिल सके।
स्वास्थ्य विभाग की टीम लगातार गांव में जांच कर रही है, जो हेपेटाइटिस सी के पॉजिटिव मरीज मिल रहे हैं। उनका उपचार कराया जा रहा है जिससे गांव के लोगों को इस बीमारी से छुटकारा दिलाया जा सके। जल निगम की टीम द्वारा जल जीवन मिशन के अंतर्गत जल्द कार्य भी शुरू किया जाएगा। फिलहाल गांव में स्वच्छ पानी के टैंकर भेजे जा रहे हैं।
- मनीष बंसल, जिलाधिकारी, संभल