संभल की मंडी समिति में धान की सरकारी खरीद के लिए मंडी समिति द्वारा लगाए गए धान क्रय केंद्र पर तौल क
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संभल। डीएम संजीव रंजन के निर्देश के बावजूद जिले के कई क्रय केंद्रों पर धान खरीद की रफ्तार धीमी है। जिससे धान खरीद का लक्ष्य पिछड़ सकता है। साथ ही धान बेचने वाले किसान भी परेशान को रहे हैं। मंगलवार को संभल की मंडी समिति में खाद्य निगम के अलावा सभी क्रय केंद्रों पर 200 क्विंटल धान नहीं खरीदा गया। किसानों कहना है कि कई-कई दिनों तक इंतजार करने के बावजूद धान नहीं तौला जा रहा है। दिन और रात वाहनों में ही गुजारने के लिए मजबूर हैं।
संभल में एक अक्तूबर से धान की खरीद शुरू हुई थी। इसका लक्ष्य एक लाख क्विंटल से अधिक का है। डेढ़ माह की अवधि के दौरान 13 नवंबर तक सिर्फ 13.25 फीसदी खरीद हुई है। हालांकि धान खरीद जनवरी तक होगी, लेकिन खरीद की धीमी गति रही तो तो लक्ष्य के मुताबिक धान नहीं खरीदा जा सकेगा। सोमवार को जिलाधिकारी संजीव रंजन ने मंडी समिति में क्रय केंद्रों का निरीक्षण किया और खरीद में तेजी लाने के निर्देश दिए थे। प्रत्येक क्रय केंद्र पर हर रोज 200 क्विंटल खरीद करने के निर्देश दिए। साथ ही हर रोज का लक्ष्य पूरा न करने पर कार्रवाई की चेतावनी दी थी। मंगलवार को खाद्य निगम के क्रय केंद्र पर दो सौ क्विंटल से अधिक धान खरीदा गया लेकिन पीसीयू के क्रय केंद्रों पर आधी ही खरीद हो सकी। पीसीयू के क्रय केंद्र प्रभारी कमलकांत गौतम ने बताया कि करीब डेढ़ सौ क्विंटल की खरीद हुई है जबकि दूसरे क्रय केंद्र के प्रभारी वीर बहादुर सिंह ने बताया कि 103 क्विंटल की खरीद की गई। एक ट्राली अभी तौल जा रही है। वहीं, मंडी समिति के क्रय केंद्र पर तो 100 क्विंटल भी खरीद नहीं हो सकी। सुबह से शाम तक दो ट्रालियों में भरे धान ही तौले जा सके। दोनों में 45-45 क्विंटल धान थे। क्रय केंद्र प्रभारी क्षितिज भटनागर ने बताया कि किसान खराब धान लेकर आ रहे हैं। लौटा रहे हैं तो झगड़ने को तैयार हैं।
मंडी में पीसीयू के तीन क्रय केंद्र होने का दावा, मौके पर दो
संभल। जून में गेहूं की सरकारी खरीद के दौरान किसानों को बटाईदार बताकर बिचौलियों के गेहूं की तौल कराने वाली पीसीयू क्रय एजेंसी एक बार फिर चर्चा में हैं। संभल की मंडी समिति में धान की सरकारी खरीद के लिए तीन क्रय केंद्र संचालित करने का दावा कर रही है। लेकिन मौके पर दो हैं। मंडी समिति पीसीयू क्रय एजेंसी के सचिव उदयपाल सिंह ने बताया कि मंडी समिति में तीन क्रय केंद्र होने की पुष्टि की है। लेकिन धरातल पर दो ही क्रय केंद्र संचालित हो रहे हैं। उन पर भी बेहद सुस्त चाल से खरीद हो रही है। संवाद