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सरकारी क्रय केंद्रों पर 27 दिनों में मात्र 1440 क्विंटल हुई खरीद

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संभल मंडी समिति में स्थिति गेहूं क्रय केंद्र पर पसरा सन्नाटा। - फोटो : SAMBHAL
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आढ़तियों की गेहूं खरीद इस बार प्रशासन के सिस्टम पर भारी पड़ी है। तय लक्ष्य की ओर बढ़ना तो दूर की बात है। कई केंद्रों पर तो गेहूं का एक दाना तक नहीं पहुंचा है। 27 दिनों में मात्र 1440 क्विंटल ही खरीद हुई है। जिन किसानों ने क्रय केंद्रों पर गेहूं बेच भी दिया है तो उनका भुगतान समय से नहीं हुआ। जबकि तीन दिन में भुगतान किया जाना चाहिए।
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जिले के 71 गेहूं क्रय केंद्रों पर पहली अप्रैल से गेहूं की खरीद के प्रयास किए जा रहे हैं। 27 दिन में 1440 क्विंटल ही गेहूं की खरीद हो सकी है। कई क्रय केंद्र ऐसे हैं जहां एक भी दाना गेहूं का किसान लेकर नहीं पहुंचा। किसान को समर्थन मूल्य 2015 रुपये सरकार दे रही है। जबकि आढ़ती मंडी समिति में किसान से 2100 से 2200 रुपये प्रति क्विंटल तक खरीद कर रहे हैं। आढ़ती किसान को नकद भुगतान कर रहा है।
क्या बोले किसान
पांच दिन पहले दस क्विंटल गेहूं संभल मंडी समिति स्थित क्रय केंद्र पर बेचा था। तीन दिन में भुगतान खाते में पहुंचने का दावा किया गया था, लेकिन पांच दिन बाद भी खाते में रुपये नहीं आए हैं। दो दिन से लगातार चेक करा रहे हैं। आढ़ती को बेच देते तो नकद भुगतान हो जाता। सरकारी क्रय केंद्र पर कम दाम में बेचा और इसके बाद भी रुपये नहीं मिले।
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मलखान सिंह, बंजरपुरी गांव, बहजोई
सात दिन पहले 11 क्विंटल गेहूं मंडी समिति में लगे क्रय केंद्र को बेचा था। उन्होंने तीन दिन में भुगतान होने का दावा किया था लेकिन सात दिन बाद भी खाते में रुपये नहीं पहुंचे हैं। सस्ते गेहूं बेचे और अब परेशानी उठानी पड़ रही है। परेशानी से बचने के लिए ही किसान आढ़ती को गेहूं बेच रहा है।
पंकज, ईसापुर सुनवारी गांव, संभल
गेहूं की खरीद में तेजी लाने के लिए गांव-गांव चौपाल कर रहे हैं। जिससे किसान सरकारी क्रय केंद्रों पर गेहूं लेकर पहुंचे। भुगतान तीन दिन में पब्लिक फाइनेंस मैनेजमेंट सिस्टम (पीएसएमएस) पर सत्यापन के बाद हो रहा है। जो किसान भुगतान नहीं होने की बात कह रहे हैं उनका सत्यापन नहीं हुआ होगा।
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विजेयता सिंह, डिप्टी आरएमओ, संभल
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