संभल। 40 साल पहले सरायतरीन के हिझडान निवासी मोहम्मन छिद्दन की लापता हुई 12 वर्षीय बेटी मुन्नी को भले परिवार से सोशल मीडिया ने मिला दिया, लेकिन अभी घर तक पहुंचने की मुश्किल बरकरार है। मुन्नी के पास पाकिस्तान में निवास करने का कोई प्रमाणपत्र नहीं है। इसलिए अब तक पासपोर्ट भी नहीं बन सका है। मुन्नी ने भारत में रह रहे भाइयों से जन्मप्रमाण पत्र जारी कराने की गुहार लगाई है। नगर पालिका का कहना है कि ऐसा मामला पहली बार सामने आया है। इसलिए पूरी प्रक्रिया को समझने के बाद ही कुछ कहा जा सकता है।
1981 में मुन्नी लापता हो गई थीं। कुछ दिनों पहले सोशल मीडिया पर आए वीडियो के बाद मुन्नी सरायतरीन के हिझडान में रह रहे भाइयों से मिलीं। अब मुन्नी और उनके परिजनों की हर दिन वीडियो कॉल पर बात होती है। मुन्नी के भाई अकरम ने बताया कि मुन्नी ने बताया है कि यदि उसका जन्म प्रमाणपत्र संभल से जारी होकर पाकिस्तान आ जाए तो पासपोर्ट बन जाएगा और उसके बाद वह भारत अपने परिवार से मिलने के लिए आ सकती हैं।
अकरम ने बताया कि उनकी स्थिति ऐसी नहीं है कि वह अपनी बहन से मिलने के लिए पाकिस्तान चले जाएं लेकिन जन्म प्रमाणपत्र जारी कराने का प्रयास कर रहे हैं। जिससे उनकी बड़ी बहन भारत आ सकें।
अभी हमसे प्रशासन के किसी अधिकारी या कर्मचारी ने मुलाकात नहीं की है। बहन ने कहा है कि नगर पालिका से जन्म प्रमाणपत्र बनकर मिल जाए तो उनका पाकिस्तान में पासपोर्ट बन सकता है। अभी पाकिस्तान में भी कोई आईडी नहीं है इसलिए पासपोर्ट नहीं बन सका है। बहन से मिलने के लिए पूरा परिवार बेताब है लेकिन प्रक्रिया की मजबूरी सामने आ गई है।
अकरम, मुन्नी का छोटा भाई
ऐसा मामला पहली बार सामने आया है। इसके बारे में जानकारी करनी पड़ेगी। वैसे तो उस व्यक्ति का जन्म प्रमाणपत्र जारी हो जाता है जिसका जहां जन्म हुआ है और उस स्थान का कोई दस्तावेज मौजूद है। अब यह मामला बिल्कुल अलग है। इसकी पूरी प्रक्रिया को समझकर ही कुछ कहा जा सकता है।
रामपाल सिंह, ईओ, नगर पालिका परिषद, संभल