संभल। मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल के लिए प्रशासन ने जिले के दिव्यांगों का चयन किया था, लेकिन सवा साल बीत जाने के बाद भी दिव्यांगों को मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल नहीं मिल सकी। दिव्यांग अब तक आस लगाए हुए बैठे हैं। दिव्यांगों ने ट्राईसाइकिल वितरण के लिए लगातार मांग उठाई है। अब 46 आवेदन जिला दिव्यांग जन सश्क्तिकरण अधिकारी कार्यालय में आए हैं। इनकी दिव्यांगता का मूल्यांकन कराया जाना है।
अगस्त 2020 में 66 दिव्यांगों का चयन मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल के लिए हुआ था। यह मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल ऑटोमेटिक वाली है। इससे दिव्यांगों को आने-जाने और अपने काम करने में सहूलियत मिलेगी। जब चयन हुआ था तो दिव्यांगों को खुशी थी कि अब वह अपनी परेशानी से राहत पा लेंगे, लेकिन सवा साल बीत जाने के बाद भी आस पूरी नहीं हो सकी।
जिला दिव्यांग जन सशक्तिकरण अधिकारी शैलेंद्र कुमार गौतम का कहना है कि बजट के अभाव में मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल नहीं दी जा सकी थी। इसी वित्तीय वर्ष में दिए जाने के आदेश शासन ने किया है। इसी योजना में 46 आवेदन और आए हैं उनकी दिव्यांगता का मूल्यांकन 6-7 दिसंबर को संभल जिला अस्पताल में कराया जाएगा। इसके बाद सभी को एक साथ इस योजना का लाभ मिलेगा।
बजट का अभाव था इसलिए अब तक मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल का वितरण नहीं हुआ था। अब नए आवेदन आए हैं इनका मूल्यांकन कराने के बाद एक साथ सभी दिव्यांगों को योजना का लाभ दिया जाएगा। ट्राईसाइकिल का वितरण इसी वित्तीय वर्ष में किया जाना है।
शैलेंद्र कुमार गौतम, जिला दिव्यांग जन सशक्तिकरण अधिकारी, संभल
हमने आवेदन किया था तो लगा मुश्किल अब खत्म हो जाएंगी, लेकिन आवेदन किए हुए काफी समय गुजर गया, लेकिन अब तक मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल नहीं मिल सकी। अभी भी इंतजार ही कर रहे हैं।
देवराज, गांव दबोई कला
कई बार वितरण के लिए मांग उठा चुका हूं, लेकिन अब तक वितरण नहीं किया गया। कई दिव्यांग ऐसे हैं जिनसे हाथ से ट्राईसाइकिल नहीं चलाई जाती। मोटराइज्ड ट्राइसाइकिल मिलने की उम्मीद से उनमें खुशी थी, लेकिन अब तक नहीं मिलने पर वह मायूस हैं।
आस मोहम्मद, अध्यक्ष, विकास विकलांग सेवा समिति, संभल