ंदौसी के मुरादाबाद-आगरा नेशनल पर बिना डिवाइडर के नजदीक से होकर गुजरते वाहन।
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चंदौसी। हर साल सड़क सुरक्षा माह और सप्ताह मनाया जा जाता है। रैली निकाली जाती है, लोगों को जागरूक किया जाता है। यह अभियान धरातल से दूर रैली, गोष्ठी, कार्यक्रमों तक सीमित होकर रह गए हैं। शासन और प्रशासन हाईवे पर होने वाले हादसों से बचाव के लिए पर्याप्त व्यवस्था नहीं करता है। इसका खामियाजा हादसों में लोगों को जान गंवाकर भुगतना पड़ता है।
तीन दिन पूर्व हुए हादसे के बाद मुरादाबाद-आगरा नेशनल हाईवे एक फिर से चर्चा में है। दो माह की अवधि में मुरादाबाद से धनारी तक तीन बड़े हादसे हो चुके हैं। इन हादसों में 28 लोग अपनी जान गंवा चुके हैं। इस अवधि में बड़े वाहनों की टक्कर से अपनी जान गंवाने वाले दोपहिया वाहन सवारों के 20 से अधिक मामले हैं। फिर भी हाईवे पर सुरक्षा व्यवस्था पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
मुरादाबाद-आगरा नेशनल हाईवे पर दिसंबर से अब तक तीन बड़े हादसे हो चुके हैं। 16 दिसंबर 2020 को संभल जनपद में नेशनल हाईवे पर बड़ा हादसा हुआ था। थाना धनारी के पास गन्ने से लदी ट्रैक्टर ट्राली को ओवरटेक करते समय केमिकल से भरा कैप्सूल सामने से आ रही रोडवेज से टकरा गया था। इस हादसे में नौ लोगों की मौत हो गई थी। 24 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए थे।
दूसरा बड़ा हादसा 30 जनवरी 2021 को मुरादाबाद क्षेत्र में कुंदरकी के पास नानपुर की पुलिया पर हुआ था। निजी बस को ओवरटेक कर रही डीसीएम सामने से आ रहे ट्रक से टकरा गई थी। इस हादसे में कुल 13 लोगों की मौत हुई थी और 23 लोग घायल हुए थे।
वहीं तीसरा बड़ा हादसा 20 फरवरी 2021 को संभल जनपद में हाईवे पर गांव बनियाखेड़ा और रसूलपुर कैली के बीच हुआ था। यहां टैंकर ने गलत दिशा में जाकर सामने से आ रही कार में टक्कर मार दी थी और उसे कुचल दिया था। हादसे में कार में सवार छह लोगों की मौत हो गई तथा दो की हालत अभी भी गंभीर है।
दोपहिया वाहनों से 20 से अधिक हो चुके हादसे
मुरादाबाद-आगरा नेशनल हाईवे पर मुरादाबाद से संभल जनपद की सीमा नरौरा बैराज तक है। इस मार्ग पर आये दिन दोपहिया वाहन सवार बड़े वाहनों की चपेट में आकर दुर्घटना का शिकार हो रहे हैं। दो माह की अवधि में इनमें से करीब 20 मामले ऐसे हैं, जिसमें दोपहिया वाहनों पर सवार लोगों की मौत हो चुकी है।