संभल। बुराई पर अच्छाई की विजय का पर्व विजयदशमी का पर्व जिले में धूमधाम से मनाया गया। सार्वजनिक रुप से मेलों में तो रोक रही, पर विभिन्न स्थानों पर रावण और मेघनाद के पुतले दहन किए गए। संभल के कुरुक्षेत्र तीर्थ परिसर में जिलाधिकारी संजीव रंजन और पुलिस अधीक्षक चक्रेश मिश्र ने रावण के प्रतीकात्मक पुतले का दहन किया। हजरतनगर गढ़ी में भी रावण और मेघनाथ के पुतले को जलाया गया।
संभल में चंदौसी रोड स्थित कुरुक्षेत्र तीर्थ के परिसर में शुक्रवार को रामलीला ने अहंकार पर सदाचार की विजय का संदेश दिया और रावण, मेघनाद और कुंभकरण को मुक्ति धाम भेजकर माता सीता के धैर्य और साहस को सार्थकता प्रदान की। विभीषण का अपमान ही रावण की मृत्यु का कारण बना। श्रीराम ने अयोध्या की बिना जन और धन हानि किए भालू और बंदरों की सेना बनाकर लंका पर विजय प्राप्त कर मानवता के संरक्षण का सूत्रपात किया। राम और रावण की सेनाओं के बीच युद्ध की लीला का मंचन हुआ। राम और रावण के बीच संवाद हुआ। इसके बाद प्रभु राम और रावण के बीच युद्ध शुरू हुआ। विभीषण ने राम को बताया कि रावण की नाभि में अमृत है। उसके सूखने पर ही उसका अंत होगा। इसके बाद जैसे ही राम ने रावण की नाभि में अग्निबाण मारा, अहंकारी रावण का अंत हो गया। इसके बाद मैदान में लगे रावण और मेघनाद के पुतले दहन किए गए। इस दौरान आरएसएस के जिला प्रचारक आशुतोष, भाजपा के क्षेत्रीय उपाध्यक्ष राजेश सिंघल, डा.अरविंद गुप्ता, डा.यूसी सक्सेेना, शिल्पी गुप्ता, कमलकांत तिवारी, अनुराग गुप्ता अन्नू, संजय गुप्ता पोली, उमेश शर्मा, हरनाम सिंह, नमन अग्रवाल, राहुल दीक्षित समेत रामलीला कमेटी के पदाधिकारी आदि रहे। उधर, हजरतनगर गढ़ी में आदर्श रामलीला कमेटी की ओर से रामलीला में मथुरा के कलाकारों ने राम और रावण युद्घ का शानदार मंचन किया। पुतलों का दहन किया गया। मेला लगा। इस दौरान देवेंद्र फौजी, ऋषिपाल सिंह, अशोक कुमार, पंकज गुप्ता, भीष्म शर्मा, रामवीर भैय्या, विजयपाल आदि रहे। थाना प्रभारी चंद्रवीर सिंह ने पुलिस बल के साथ निगरानी बनाए रखी।
सुबह में पुलिस ने हटवाया, दोपहर में भाजपा नेता के प्रयास से कुरुक्षेत्र के परिसर में लगा मेला
संभल। शुक्रवार को शहर में चंदौसी रोड स्थित तीर्थ कुरुक्षेत्र के मैदान में दशहरा मेला आयोजित किया गया। हालांकि सुबह में मेले को प्रशासन ने लगने नहीं दिया था और जो दुकानदार पहुंचे थे, उन्हें पुलिस ने हटा दिया था। इसकी जानकारी भाजपा के क्षेत्रीय उपाध्यक्ष राजेश सिंघल को हुई तो उन्होंने जिला प्रशासन से फोन पर संपर्क किया और जो दुकानदार आए हैं, उन्हें दुकानें लगाने की अनुमति देने का अनुरोध किया। जिसके बाद प्रशासन ने नरमी बरती और फिर दशहरा मेला लग गया। मेला देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंचे थे। लोगों ने जमकर खरीददारी की और चाट पकोड़ियों का लुत्फ उठाया।
एएसपी ने की सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी
संभल। कुरुक्षेत्र तीर्थ के परिसर में रावण दहन व दशहरा मेला की सुरक्षा अपर पुलिस अधीक्षक आलोक जायसवाल ने संभाली। पुलिस बल के साथ वह मौके पर मुस्तैद रहे। चंदौसी चौराहे से रुट डायवर्जन करके रखा गया। जब तक मेला रहा किसी भी बड़े वाहन को गुजरने नहीं दिया गया। पुलिस प्रशासन ने सख्ती बनाए रखी। पुलिस बल के अलावा पीएससी की तैनाती रही।