जायके में लाजवाब और खाने में रसगुल्ले की तरह मुलायम और मुंह में घुल जाने वाले संभल के कबाब के कई दिवाने हैं। अभिनेता हो या नेता कोई भी ऐसा नहीं रहा जिसने कबाब का स्वाद लेने के बाद वाह न कही हो। क्या लजीज कबाब है जैसे कमेंट न दिए हों। संभल क सीके कबाब अब दुनियां के कई देशों में मशहूर हो गए हैं।
वैसे तो ये सींक कबाब तो पीढ़ी दर पीढ़ी पसंद किए जाते रहे हैं, लेकिन देश के दूसरे राज्यों और दुनिया के तमाम देशों में यह कबाब तब मशहूर हुए जब 1972 में नेशनल लाइब्रेरी दीपासराय की ओर से आयोजित मुशायरे में शामिल होने के लिए फिल्म अभिनेता दिलीप कुमार संभल आए। उन्हें यहां के लोगों ने मेहमाननवाजी करते हुए सीक कबाब पेश किए। दिलीप कुमार को कबाब का जायका इतना पसंद आया कि वह बोल पड़े- ऐसे कबाब कहीं और नहीं खाए।
दीपासराय के मोहम्मद निहाल अख्तर कहते हैं- फिल्म अभिनेता कबाब के जायके को कभी भुला नहीं पाए। उनकी बदौलत मुंबई की फिल्म इंडस्ट्री में संभल के कबाब मशहूर हो गए। फिल्मी हस्तियों ने संभल के खानसामों को बुलाकर वीआईपी आयोजनों में सीक कबाब बनवाए और अपने मेहमानों को खिलाए।
हाल ही में सलमान खान ने अपनी बहन अर्पिता की शादी में यहां के कबाब का स्टॉल लगवाया था। इस शादी में सीक कबाब बनाने के लिए संभल के शेफ रिजवान अपनी टीम के साथ मुंबई गए थे। रिजवान ने बताया कि वह अब तक 12 देशों के लोगों को सीक कबाब का दीवाना बना चुके हैं। बैंकाक, इंडोनेशिया, मॉरीशस, तुर्की, दुबई, सउदी अरब और रूस में उन्होंने कबाब बनाकर खिलाए हैं।