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जिले में बारिश से आलू, धान, सरसों की फसलों को भारी नुकसान

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चंदौसी। पिछले दो दिनों में संभल जनपद में हुई भारी बारिश से आलू, धान, सरसों की फसल में भारी नुकसान है। खेतों में पानी भरा रहने से आलू का बीज गल गया तो वहीं सरसों की फसल भी नष्ट हो गई। इसके अलावा धान खेतों में अंकुरित होने लगा है। इन फसलों में जमा पूंजी लगा चुके किसानों के समक्ष बड़ी है तथा अगली फसल में लागत लगाने लिए कुछ नहीं बचा है। जिले में आलू में सर्वाधिक 50 फीसदी, सरसों में 40 फीसदी व धान में 35 फीसदी नुकसान का अनुमान है।
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संभल जनपद के खेतों में वर्तमान में आलू, धान, सरसों, बाजरा, गन्ना, उड़द की फसल प्रमुख रूप से खड़ी है। बारिश ने इन फसलों पर भारी तबाही मचाई है। खेतों में तीन दिन बाद भी बारिश का पानी भरा है। कृषि विभाग के मुताबिक वर्तमान में जिले में 42 हजार हेक्टेअर में से करीब 20 हजार हेक्टेअर क्षेत्र में धान की फसल खेतों में रह गई थी। अधिकांश फसल कटी हुई खेतों में पड़ी थी, जो शेष रही गई थी। वह हवा व बारिश में जमीन पर गिर गई। तीन दिन खेतों में पानी भरा रहने से बाली में लगा दाना नमी पाकर फूल गया और अंकुरित होने लगा है। साथ ही दाना काला पड़ गया है। इससे वजन में अंतर आ गया है और इससे बाजार में दाम भी पूरे नहीं मिल पाएंगे। धान की फसल में 35 फीसदी तक नुकसान होने का अनुमान है।
इसके अलावा सितंबर माह में आलू की अगेती बुआई हो चुकी है और अब पछेती बुआई चल रही है। करीब 11 हजार हेक्टेअर में आलू की फसल है। सितंबर माह में बुआई किए गए आलू का बीज अंकुरित होकर खेतों में हरियाली आने लगी। लगातार बारिश और जलभराव से छोटे पौधे व जमीन के अंदर का बीज नष्ट हो गया है। करीब 50 फीसदी फसल के बचने का ही अनुमान है। जिले में सरसों करीब चार हजार हेक्टेअर में बुआई होती है। अधिकांश सरसों की बुआई हो चुकी है। कुछ जमकर तैयार हो गई है, तो कुछ फसल अंकुरित हो रही थी। लगातार जलभराव से सरसों की पौध नष्ट हो गई। 50 फीसदी फसल भी नहीं बचा पाएगी।
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उड़द में 20 और गन्ने में पांच फीसदी का नुकसान:
जनपद में करीब उड़द की फसल का रकबा करीब आठ हजार हेक्टेअर है। वर्तमान में उड़द की फसल में फूल बनकर तैयार है। अधिक बारिश से उड़द पर आया फूल टूटकर कर नीचे गिर गया, कुछ फूल मिट्टी के संपर्क में आकर गंदा हो गया। जिससे उड़द का उत्पादन प्रभावित होगा। इससे करीब 20 फीसदी उत्पादन प्रभावित होगा। वहीं जिले में 54 हजार हेक्टेअर में गन्ने की फसल है। लगातार बारिश और तेज हवा से किसानों की गन्ने की फसल खेतों में गिर गई है। खेत में गिरी गन्ने की फसल में चूहे भारी नुकसान पहुंचाते हैं। साथ ही इस मौसम में लगातार खेतों में पानी भरा रहने से गन्ने की रिकवरी पर भी असर पड़ेेगा। इसमें चार से पांच फीसदी के नुकसान का अनुमान हैं।
फसल रकबा नुकसान (प्रतिशत में)
धान 43367 35
आलू 11,002 50
उड़द 8,000 20
गन्ना 54,000 05
सरसो 4,000 40
नोट: बारिश से फसलों में हुए नुकसान का अनुमान कृषि विशेषज्ञ और प्रगतिशील किसानों से मिली जानकारी के मुताबिक लगभग प्रतिशत में है। फसल का रकबा हेक्टेअर में है।
इन फसलों का भी उत्पादन होता है जनपद में
जिले में केला 60 हेक्टेअर, फूलगोभी 200 हेक्टेअर, हरी मिर्च 610 हेक्टेअर में उत्पादन होता है, इनके अलावा अन्य सब्जियों का उतपादन कम रकबे में होता है। वर्तमान में खेतों में खड़ी सभी फसलों में थोड़ा थोड़ा नुकसान है।
बारिश से वर्तमान में खेतों में खड़ी सभी फसलों में नुकसान हुआ है। प्रशासन और शासन को सभी किसानों के नुकसान का आंकलन कराए और उसका लाभ दिलाए।
अनिल कुमार दुबे, प्रगतिशील किसान।
बारिश से धान, आलू व सरसों की फसल में काफी नुकसान हैं। जिन किसानों का फसल बीमा था, उनका सर्वे कराया जा रहा है। फसल बीमा धारकों को पूरा लाभ दिलाया जाएगा। जो किसान रह गए हैं, वह सर्वे के लिए अपने ब्लाक स्तरीय कर्मचारी से संपर्क करें अथवा ट्रोल फ्री नंबर पर शिकायत दर्ज कराएं। ओंकार सिंह, जिला कृषि अधिकारी
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