चिकित्सक ने बताया कि पेट में पानी भरने से मौत की आशंका है। गांव लहरा कमंगर निवासी मां कंचन देवी ने बताया कि मंगलवार की सुबह 8:30 बजे तेज बारिश आई थी। मोहल्ले के बच्चों के साथ बेटी भी खेलने के लिए निकल गई। पानी के तेज बहाव में बेटी नाली में गिर गई। बरसात बंद होने के बाद मोहल्ले के बच्चों ने बेटी के शव को पानी में उतराता हुआ देखा।
मजदूर पेशा पिता का कहना है कि ग्राम पंचायत के कच्चे नाले से ही उनकी बेटी की जान गई है। उनकी दो बेटी और एक बेटे में अनवी सबसे छोटी थी। परिवार ने पुलिस कार्रवाई किए बिना ही अंतिम संस्कार कर दिया है।
अनवी की मां बोली-नाले का निर्माण होता नहीं जाती बेटी की जान
अनवी की मां कंचन देवी का रो-रोकर बुरा हाल था। बताया कि बेटी सुबह सोकर उठने के बाद नाश्ता कर मोहल्ले के बच्चों के साथ बरसात में खेलने के लिए गई थी। करीब 10 मीटर लंबे कच्चे नाले की गहराई काफी है। यदि यह नाला कच्चा नहीं होता तो शायद बेटी बच सकती थी क्योंकि कच्चा होने के कारण नाले की गहराई करीब छह फीट या उससे ज्यादा हो गई है। जल निकासी भी इस नाले से हो नहीं पा रही है। तमाम घरों के सामने जलभराव की स्थिति बनी हुई है।