क्षेत्र के एक हरगोविंदपुर गांव में मंगलवार की रात्रि गवां से आई बारात आई। बारात और घराती दावत खाने के बाद सो गए लेकिन सुबह को अधिकांश लोगों को उल्टी दस्त शुरू हो गए। दूल्हे समेत डेढ़ सौ बारातियों और पचास अन्य रिश्तेदारों व घरातियों की हालत बिगड़ने लगी तो अफरा तफरी मच गई।
तड़के से ही क्षेत्रीय क्लीनिकों पर मरीजों की लाइनें लग गईं। फूड प्वायजनिंग की बात सामने आते ही बीमारों को संभल, चंदौसी, बहजोई, गुन्नौर समेत कई निजी अस्पतालों में ले जाने लगे। एक सत्तर वर्षीय बुजुर्ग की हालत गंभीर है, शेष की हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है।
मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी की अगुवाई में विभागीय टीम ने मौके पर पहुंचकर सैंपलिंग भी की। गुन्नौर थाना क्षेत्र के गांव हरगोविंदपुर के इतवारी की बेटी सोमवती की बारात रजपुरा थाना क्षेत्र के गवां पासी मुहल्ले से आई थी। यहां के हरप्रसाद का पुत्र मोहन बारात लेकर आया। बारात चढ़त के बाद बारातियों को नाश्ता कराया गया।
बाद में सभी लोगों ने दावत खाई, जिसमें लौकी की लौज, सफेद रसगुल्ला एवं कालाजामुन, पूड़ी, चावल, छोले आदि व्यंजन शामिल थे। परिजनों व रिश्तेदारों ने भी मध्यरात्रि के करीब भोजन किया और अधिकांश लोग सोने चले गए। कुछ बारात अपने घरों को लौट गए। गांव के प्रताप सिंह, सूरजपाल सिंह आदि ने बताया कि सुबह को पहले तो कुछ लोगों को उल्टी दस्त शुरू हो गए।
जो जागता गया, उसकी ही हालत बिगड़ती चली गई। बुधवार सुबह को यहां अफरा तफरी मच गई। बीमारों को निजी चिकित्सकों को दिखाया गया। बारातियों के अनुसार करीब डेढ़ सौ बाराती व पचास अन्य रिश्तेदार व ग्रामीण फूड प्वायजनिंग की चपेट में आए।
हर गोविंदपुर के बीमार लोगों में पीतांबर (50), नारायनी पत्नी घासीराम(45), सुरेश पुत्र दीनानाथ (18), विक्रम पुत्र राजू (18), ज्योति (4), नीतू पुत्री बिंटू (दो), कांता पत्नी रामकिशन (35), राम सिंह राजू (12), हरिश्चंद्र (20), बंटी (20), वीरपाल(20), पोशाकी (40), वहीं मेहमानों में उघैती थाने के गांव सिहोरा करियामई के ज्ञान प्रकाश (20), बाराती गवां के आनंद कुमार (20), हरपाल (45), कमल सिंह (20), गोठना के पवन कुमार (25), मेघनाथ (25) सहित बीस से ज्यादा मरीजों पर ड्रिप लगने के बाद सुधार हुआ जबकि अधिकांश मरीजों को दवा देकर ही चिकित्सकों ने घर भेज दिया है।
चौकी प्रभारी अनिल यादव ने खाद सुरक्षा विभाग की टीम के साथ हरगोविंदपुर में कन्या पक्ष के घर पहुंचे। कोई विवाद न हो, इसके लिए खाद्य विभाग को बारात के खाने के नमूने दिलवाए। जुनावई पुलिस लौकी विक्रेता को भी बुलाकर लाई, उसकी लौकी पर भी परीक्षण कराने को कहा गया।
हरगोविंदपुर गांव के रहने वाले सूरजपाल एवं प्रताप सिंह के अनुसार अधिकांशत: उन्हीं लोगों को परेशानी हुई, जिन्होंने लौकी की बनी लौज खाई थी। जिन्होंने लौज नहीं खाई, वहीं बिल्कुल ठीक है। हम भी उसी दावत में गए मगर हमने लौज नहीं खाई तो हम बीमार नहीं हुए। सूरजपाल का कहना कि मेरे भाई बिंटू की पत्नी रजनी के द्वारा सुबह के समय अपने बच्चे ज्योति एवं नीतू को लौज खिलाने से दोनों बच्चे बीमार हो गए हैं।