कृषि उत्पादन मंडी समिति के सरकारी गेहूं खरीद केंद्र पर घोषित समर्थन मूल्य से कम पर गेहूं खरीदने का मामला सामने आने के बाद भारतीय किसान यूनियन ने हंगामा खड़ा कर दिया। बुधवार को भाकियू प्रदेश सचिव बिजेंद्र सिंह यादव को भारतीय खाद्य निगम के खरीद केंद्र पर समर्थन मूल्य से कम पर गेहूं खरीदे जाने की जानकारी मिली।
तो वह कार्यकर्ताओं के साथ खरीद केंद्र पर जा पहुंचे। बदायूं जिले की आसफपुर ब्लाक के गांव कल्लावारा निवासी शाकिर पुत्र आरिफ ने बताया कि उसका गेहूं 1455 रुपये प्रति क्विंटल खरीदा गया है। गेहूं का मूल्य तो खाते में ही भेजना था लेकिन गेहूं को ही इसी भाव से तोला गया।
अर्थात प्रति क्विंटल अंतरमूल्य का गेहूं अधिक तोला गया। भाकियू कार्यकर्ताओं ने यह हेराफेरी देख हंगामा खड़ा कर दिया। प्रदेश सचिव बिजेंद्र सिंह यादव ने उच्चाधिकारियों को जानकारी दी। मंडी सचिव एसपी गंगवार पहुंचे तो किसानों ने उनका भी घेराव कर लिया।
धांधली के लिए सचिव को सीधे तौर पर जिम्मेदार ठहराया। हंगामा न थमते देख तहसीलदार नवनीत गोयल पहुंचे, उन्होंने केंद्र प्रभारी को कड़ी फटकार लगाते हुए मामले की जांचकर कार्रवाई का भरोसा दिलाकर किसानों को शांत किया।
केंद्र प्रभारी महेशचंद्र ने कहा मैं कुछ देर को खाना खाने गया, इसी बीच यहां काम कर रहे कर्मचारियों ने शायद कोई गड़बड़ी कर दी लेकिन क्रय केंद्र पर 1525 रुपये प्रति क्विंटल ही गेहूं खरीदा जा रहा है। बिजेंद्र सिंह यादव प्रदेश सचिव भाकियू ने कहा सरकारी गेहूं क्रय केंद्रों पर किसानों को सरेआम शोषण किया जा रहा है। यही स्थिति रही तो भाकियू के पदाधिकारी स्वयं क्रय केंद्रों पर रह किसानों को गेहूं बिकवाएंगे। किसी तरह की कोई ग़डबडी नहीं होने देंगे। गड़बड़ियां रोकेंगे, इसकी जानकारी जिलाधिकारी को देंगे।