चंदौसी। दीपावली पर घरों में रोशनी करने के लिए दुकानों पर बिजली की झालरों की बिक्री शुरू हो गई है। इस बार लोग चीनी झालरों को नहीं बल्कि स्वदेशी झालरों को ही तरजीह दे रहे हैं। लोगों का रुझान पारंपरिक दीये व स्वदेशी सजावटी सामान की ओर हैं। दीपावली पर चीनी झालरों की बिक्री कम होने से दुकानदार मायूस नजर आ रहे हैं।
दीपावली का त्योहार नजदीक है और लोगों ने त्योहार उत्साह से मनाने के लिए खरीदारी शुरू कर दी है। इस बार बाजारों में चीनी व स्वदेशी झालरों कई वैरायटी दुकानों पर उपलब्ध हैं। मगर ग्राहक चीनी झालरों को पसंद न करके महंगाई होने के बाद भी स्वदेशी झालरों को तरजीह दे रहा है। इसके अलावा सबसे अधिक प्राथमिक दीयों को दी जा रही है। बाजार में चीनी झालरें 25 रुपये से 700 रुपये की रेंज में उपलब्ध हैं। इसके विपरीत स्वदेशी झालर 70 रुपये से शुरू 900 रुपये तक की कीमत में हैं। इसके बाद ग्राहकों की पहली पसंद स्वदेशी झालरों ही बनी हुई हैं। जबकि दुकानों पर चीनी झालरों का अधिक स्टाक होने व बाजार में माल की मांग न होने पर दुकानदार दुविधा में है।
इस बार लोग चीनी झालरों को कम पसंद कर महंगाई होने के बाद देश में बनी झालरों की खरीदारी कर रहे हैं। मगर दुकानदारों ने इस बार चीनी झालरों का माल अधिक स्टाक कर रखा है। मगर बाजार में माल की मांग न होने से दुविधा की स्थिति उत्पन्न हो गई है। दीपावली पर माल की खपत नहीं होती है तो आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है।
अंकुर शर्मा, दुकानदार
पिछले वर्ष लोगों ने जमकर चीनी झालर खरीदी थी। मगर इस बार लोग स्वदेशी माल ज्यादा खरीदना पसंद कर रहे हैं। जिससे चीनी झालरों का माल का बड़ा स्टाक बचने की संभावना है।
जुबैर, दुकानदार
इस बार दीपावली पर चीनी झालरों की खरीदारी नहीं करेंगे। अपने देश के बने पारंपरिक उत्पाद दीयो व सजावट सामान को दीपावली पर घर को सजाएंगे। मैं लोगों को चीनी झालरों न खरीदने की बात कहकर देश में बनी वस्तुएं से दीपावली बनाने की बात कह रहा हूं।
सागर गुप्ता, शहरवासी
दीपावली का त्योहार खुशी बांटने का होता है। इसलिए हमें अपने देश की बनी वस्तुओं को ही खरीदना चाहिए और उन्हीं से दीपावली पर घरों को सजाने चाहिए। विदेशी सामान खरीदने से हम अपने देश में उत्पाद बनाने वाले लोगों को धोखा देंगे।
दीपक शर्मा, शहरवासी