सपा के संभल सांसद रहे डॉ. शफीकुर्रहमान बर्क के बेटे ममलुकूर्रहमान बर्क की फेसबुक पोस्ट वायरल हो रही है। इससे सपा कार्यकर्ता असहज हैं। इसमें कहा गया है कि पार्टी ने उनके बारे में कुछ नहीं सोचा। इसके बाद उस पोस्ट को डिलीट कर दिया गया। उसकी जगह दूसरे पोस्ट डाल दी गई है।
संभल के सांसद रहे डॉ. शफीकुर्रहमान बर्क के बेटे ममलुकूर्रहमान बर्क की फेसबुक आईडी से हुई पोस्ट को लेकर तरह तरह की चर्चाएं हैं, जबकि सपाई सकते में हैं। पोस्ट में सांसद पुत्र ने अपने वालिद डॉ. शफीकुर्रहमान बर्क काे चुनाव लड़ाने और सपा द्वारा उनके बारे में कुछ न सोचने की बात कही है।
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मौलाना के कुछ समर्थकों ने उनकी बात का समर्थन किया है। सांसद के पौत्र व कुंदरकी से सपा विधायक जियाउर्रहमान बर्क ने इस मामले में चुप्पी साध ली है। सपा ने संभल लोकसभा सीट से सांसद डॉ. शफीकुर्रहमान बर्क को फिर अपना प्रत्याशी घोषित किया था। 27 फरवरी को सांसद डॉ. शफीकुर्रहमान बर्क का निधन हो गया था।
इसके बाद सांसद के पौत्र और कुंदरकी विधायक जियाउर्रहमान बर्क ने संभल लोक सभा सीट पर अपनी दावेदारी पेश की थी। अखिलेश यादव छह मार्च को संभल में डॉ. बर्क के आवास पर श्रद्धांजलि देने आए थे। तब उनके समर्थकों ने डॉ. बर्क की सियासी विरासत जियाउर्रहमान बर्क को सौंपे जाने की अपेक्षाएं जताई थीं।
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सांसद के बेटे मौलाना ममलुकूर्रहमान बर्क की फेसबुक आईडी से पोस्ट ने नई चर्चा शुरू करा दी है। शनिवार को एक पोस्ट डाली गई थी। उसे डिलीट कर दिया गया। इसके बाद एक टूटी फूटी भाषा में दूसरी पोस्ट डाली गई है। इस पोस्ट में लिखा है, राष्ट्रीय अध्यक्ष से अपील-मैंने वालिद साहिब (डाॅक्टर बर्क) के (1967 से 2019) तक इलेक्शन लड़ाए हैं, लेकिन सपा ने मेरे बारे में कुछ नहीं सोचा।
इस पोस्ट पर 20 लाइक, छह कमेंट हैं और तीन बार शेयर की गई है। उधर, सांसद के पौत्र व कुंदरकी विधायक जियाउर्रहमान बर्क ने पहले इस आईडी को फर्जी बताया। बाद में विधायक जियाउर्रहमान बर्क ने पिता से पूछकर जानकारी देने की बात कही और इसके बाद चुप्पी साध ली है।