चंदौसी। संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर तीन कृषि कानून के खिलाफ भारतीय किसान यूनियन ने गांव- गाव में शनिवार को सरकार का पुतला व कृषि कानून की प्रतियां जलाने का निर्णय लिया है। इसको लेकर भाकियू पदाधिकार ने तैयारी पूरी कर ली है। वही भाकियू की चेतावनी के बाद प्रशासन भी हरकत में आ गया है। संभावना है कि पदाधिकारियों को घर से बाहर न जाने दिया जाये।
संभल जनपद में संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर भाकियू पदाधिकारियों ने कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए पूरी तैयारी कर ली है। भारतीय किसान यूनियन के प्रदेश प्रमुख महासचिव विजेंद्र सिंह यादव ने बताया कि भाकियू ने सभी पदाधिकारियों व किसानों से जनपद में शनिवार को हर गांव में सरकार का पुतला व कृषि कानून की प्रतियां जलाने का आह्वान किया गया है। जिसको लेकर भाकियू के पदाधिकारियों व कार्यकर्ता की ओर से जनपद के अनेक गांवों का भ्रमण कर ग्रामीणों से जनसंपर्क भी किया गया है। उन्होंने बताया कि पिछले 11 माह से तीन कृषि कानून को रद्द करने की मांग को लेकर किसान दिल्ली के बार्डर पर धरना प्रदर्शन कर रहा है। मगर केंद्र सरकार को किसानों की कोई चिंता नहीं है। धरनास्थल पर कई किसान धरने के दौरान अपने जान तक गवां चुके हैं। इसके बाद सरकार चैन की नींद सोई है। प्रशासन यदि पदाधिकारियों को घर से बाहर निकलने पर पाबंदी लगाएगा, तो किसान अपने घर के अंदर ही सरकार का पुतला और कानून की प्रतियां फूंकेंगे। शनिवार को जनपद के अनेक गांव में सरकार के पुतले व तीन कृषि कानून को प्रतियां जलाई जाएगी। इसके बाद प्रशासन भी हरकत में आ गया है। पुलिस प्रशासन ने सभी प्रमुख किसान पदाधिकारियों के नामों की सूची तैयार कराई है। संभावना है कि रात के समय इन किसान नेताओं के घर पर पुलिस बल तैनात कर दिया जाएगा।
आंदोलित किसानों की ओर से शनिवार को सरकार का पुतला फूंकने और प्रतियां जलाने की जानकारी मिली है। सभी थानाध्यक्षों को निर्देशित कर दिया गया है कि वह अपने अपने क्षेत्रों में किसान पदाधिकारियों की गति विधियों पर नजर ध्यान रखे।
चक्रेश मिश्र, एसपी संभल