चंदौसी में लेदर इंडस्ट्री में जूतों को फिनिशिंग टच देते कारीगर।
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अब केंद्र सरकार के बजट में लेदर इंडस्ट्री के लिए छह हजार करोड़ रुपये की घोषणा से चंदौसी के लेदर उद्योग को उम्मीद बंधती नजर आ रही है। बजट में पैकेज की जानकारी के बाद लेदर इंडस्ट्री अपने बुरे दौर से निजात पाने की उम्मीद से उत्साहित है। लेदर इंडस्ट्री से जुड़े लोगों को उम्मीद है कि भारी भरकम बजट जारी होने के बाद उनके हाथ भी कुछ न कुछ जरूर आएगा। लंबे समय से लेदर इंडस्ट्री पर गहरा रहे बादल अब छटेंगे।
चंदौसी के मोहल्ला चुन्नी, लोधियान, खुर्जा गेट में जूते गांठते कारीगर, जूतों पर सिलाई करतीं महिलाएं, मशीनों की आवाज, कैंची और रांपी की कच-कच और इस शोर के बीच जिंदगी में थोड़ी सी तरक्की पाने की हसरत लिए काम करते करीब 5500 कारीगर हैं। लेदर फुटवियर डेवलपमेंट सोसाइटी की ओर से अब तक कई बार राज्य स्तरीय स्टेयरिंग कमेटी को प्रस्ताव भेजा जा चुका है।
2011 में जिला उद्योग केंद्र की ओर से उद्योग की संभावनाओं के लिए सर्वे भी कराया गया था। सर्वे की रिपोर्ट भी प्रदेश सरकार को भेजी गई, लेकिन अब तक कुछ नहीं हुआ। हाल ही में जारी बजट में लेदर इंडस्ट्री को छह हजार करोड़ रुपये के प्रावधान से नई उम्मीद जगी है। क्षेत्र के कारीगरों का कहना है कि अगर बजट से कुछ रकम इस क्षेत्र को मिली तो इस कारोबार की हालात सुधर सकती है। बजट में प्रावधान से क्षेत्र कारीगरों में उम्मीदों को पंख लगे हैं।