चंदौसी नगर पालिका चंदौसी की वित्तीय वर्ष 2022-23 की बजट बोर्ड बैठक का सभासदों ने बहिष्कार कर दिया। बैठक कक्ष के बाहर खड़े होकर भ्रष्टाचार का आरोप लगाया। सदस्यों की उपस्थिति का कोरम पूरा नहीं होने पर पालिकाध्यक्ष ने बैठक को स्थगित कर दिया है। बैठक में 29 में से सात सदस्य उपस्थित रहे। इनमें पालिकाध्यक्ष भी शामिल रहीं।
चंदौसी नगर पालिका बोर्ड की बैठक कार्यालय में सुबह 11 बजे से प्रस्तावित थी। पालिकाध्यक्ष इंदू रानी, ईओ राजकुमार निर्धारित समय पर पहुंच गए। पालिका में 25 निर्वाचित सदस्य और चार नामित सभासद हैं। बैठक में 15 सदस्यों की उपस्थित की आवश्यकता थी। पालिकाध्यक्ष कुछ देर तक सभासदों का इंतजार करती रहीं। इस दौरान कुछ सभासद बैठक से बाहर पहुंचे और पालिकाध्यक्ष के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। बैठक का बहिष्कार करते हुए सभासदों ने कहा कि पहले की बैठक में करोड़ों रुपये के प्रस्ताव स्वीकृत हुए थे। लेकिन अभी तक कार्य नहीं हुए हैं। ऐसे में अगली बैठक करने से क्या फायदा। सभासदों का आरोप था कि पालिकाध्यक्ष भ्रष्टाचार में लिप्त है। पूर्व में प्रस्तावित कार्यों को पूरा कराया जाए। शहर की सफाई व्यवस्था, सड़क व्यवस्था को सुधारा जाए। बैठक कक्ष के बाहर हंगामा होने और सभासदों की संख्या का कोरम पूरा नहीं होने पर पालिकाध्यक्ष इंदू रानी ने बैठक स्थगित कर दी।
ये रहे उपस्थित
बोर्ड की बैठक में पालिकाध्यक्ष इंदू रानी, निर्वाचित सभासद रिहाना बेगम, देवेंद्र कुमार गुप्ता मोनू, सरोज देवी, लौंगश्री, सुमितपाल, नामित सभासद रेखा कश्यप उपस्थित रहीं। भाजपा के करीब 12 निर्वाचित सभासद हैं। भाजपा के सभासद बैठक में शामिल नहीं हुए। भाजपा के नामित चार में से एक ही सभासद बैठक में पहुंचीं।
विरोध प्रदर्शन करने वालों में ये सभासद रहे शामिल
निर्वाचित सभासद विमल कुमार पप्पू, धारा सिंह, अर्पित कुमार, सचिंद्र यादव, नईम, संजय सैनी, गुलनवाज, अन्नपूर्णा जैन आदि शामिल रहे। भाजपा के करीब 12 निर्वाचित सभासद हैं।
पालिका बोर्ड की बैठक में पालिकाध्यक्ष सहित सात सभासद शामिल हुए थे। बैठक का कोरम पूरा नहीं होने के कारण स्थगित कर दिया गया है। जल्द ही दोबारा सभासदों से बातचीत कर बैठक को प्रस्तावित कराया जाएगा। - राजकुुमार, अधिशासी अधिकारी नगर पालिका चंदौसी।
पहले की बैठक में प्रस्तावित कार्य पूरे नहीं हुए हैं। ऐसे में बैठक कर नए प्रस्ताव कराने से क्या फायदा। पालिकाध्यक्ष भ्रष्टाचार कर रही हैं। बैठक के बिना कही स्वयं प्रस्तावों को एजेंडे में शामिल कर देती हैं और सभासदों की स्वीकृति से पास प्रस्तावों पर कार्य नहीं होता है। शहर की सफाई व्यवस्था, जलभराव की समस्या है। सड़कें टूटी हैं, नालियों के जाल गायब हैं। कब ठीक हो जाते हैं और कब गायब हो जाते हैं, यह किसी को पता नहीं। - विमल कुमार पप्पू, सभासद।