बनियाठेर क्षेत्र के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र अकरौली के परिसर में बदहाल आवासों के आगे उगी घास।
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चंदौसी/बनियाठेर। गांव अकरौली का प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र खुद बीमार है। अस्पताल परिसर के खंडहर आवास और परिसर में उगी घास में पल रहे मच्छर बीमारियां बांट रहे हैं। गांव के हालात भी कुछ ऐसे ही हैं। गांव की कुछ गलियां कच्ची हैं। इनमें कीचड़ भरा है।
गांव के रास्तों व गलियों की नियमित सफाई नहीं होती। आबादी के बीच कई जगह-जगह कूड़े के ढेर लगे हैं। इससे संक्रमित बीमारियों का खतरा बना हुआ है। ग्रामीणों के मुताबिक लंबे अरसे से गांव में किसी भी तरह के कीटनाशक का छिड़काव नहीं हुआ है। न ग्राम पंचायत का इस ओर ध्यान है और न ही स्वास्थ्य विभाग ध्यान दे रहा है।
चंदौसी तहसील से आठ किलोमीटर दूर मुरादाबाद-आगरा हाईवे स्थित गांव अकरौली की आबादी करीब साढ़े आठ हजार है। गांव में बुखार से एक बालिका व एक किशोरी की मौत हो चुकी है। गांव में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र है। चिकित्सक के रहने के लिए आवास भी है, पर चिकित्सक नहीं रहते हैं।
आवास खंडहर हो गया है। मेन गेट टूटा हुुआ है। परिसर में आधा फीट से लेकर तीन फीट तक की घास व झाड़ियां उगी हैं। अस्पताल में दवाई लेने मरीज इसी घास के बीच से होकर जाते हैं। संविदा पर आयुर्वेदिक चिकित्सक की नियमित तैनाती है। हाल में ही दूसरे एलोपैथिक चिकित्सक को संबद्ध किया गया है।