बहजोई (संभल)। जिले की तहसील गुन्नौर के तीन विकास खंडों के 30 पूर्व प्रधानों और सचिवों से लगभग 35 लाख रुपये और 267 मीट्रिक टन खाद्यान्न की कीमत वसूली की जाएगी। आरोप है कि कार्यकाल पूरा होने के बाद इन प्रधानों और सचिवों ने अवशेष परिवर्तन लागत की राशि और खाद्यन्न वापस नहीं किया था। मामला लगभग 11 साल पुराना है। इस मामले में 30 पूर्व प्रधानों और सचिवों को नोटिस जारी किया गया है।
संभल जिला बनने से पहले गुन्नौर तहसील बदायूं जिले का हिस्सा थी। गुन्नौर तहसील के तीनों विकास खंड रजपुरा, जुनावई और गुन्नौर बदायूं जिले में आते थे। मिड डे मील (एमडीएम) योजना के जिला समन्वयक दीनदयाल शर्मा ने बताया कि तीनों विकास खंड की 30 ग्राम पंचायतों के तत्कालीन ग्राम प्रधानों और सचिवों से वसूली की जानी है। इन सभी पर मिड डे मील योजना के अंतर्गत जारी की गई राशि और खाद्यान्न का बकाया निकला है। उन्होंने बताया कि इनमें विकासखंड रजपुरा की 2, जुनावई की 16 व गुन्नौर की 12 ग्राम पंचायतों के तत्कालीन ग्राम प्रधानों व सचिवों से लगभग 35 लाख रुपये की वसूली जानी है। इसके अलावा अलावा 267 मीट्रिक टन खाद्यन्न भी वसूला जाएगा।
इस खाद्यन्न की कीमत लगभग 36.31 लाख रुपये निर्धारित की गई है। एमडीएम के जिला समन्वयक के मुताबिक इन सभी पूर्व प्रधानों और सचिवों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। उन्होंने बताया कि इससे पहले 2011 में इन पूर्व प्रधानों व सचिवों के खिलाफ जिला बदायूं के मिड डे मील योजना के पटल पैरवी पर तहसील से आरसी जारी की जा चुकी है।
मार्च माह में जिला बदायूं से मिली फाइल
एमडीएम के जिला समन्वयक ने बताया कि इस मामले की फाइल इस साल मार्च महीने में बदायूं से संभल को भेजी गई है। जिसके बाद जिलाधिकारी की अनुमति से संबंधित ग्राम पंचायतों के पूर्व प्रधानों और सचिवों को नोटिस जारी किया गया है। अभी तक इस मामले में बदायूं जिले में जांच चल रही थी।