सहारनपुर। किसानों का समस्त ऋण माफ कराने, गन्ना मूल्य 450 रुपये प्रति क्विंटल घोषित करने सहित अन्य मांगों को लेकर किसान मजदूर संगठन के कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन कर दिल्ली कूच किया। वे दो अक्तूबर तक दिल्ली के राजघाट पहुंचेंगे। उन्होंने कहा कि सभी फसलों का न्यूनतम समर्थन मूल्य घोषित किया जाए और इससे कम पर खरीद करने पर सजा का प्रावधान होना चाहिए।
मंगलवार को किसान मजदूर संगठन से जुडे़ किसानों ने मंडलायुक्त कार्यालय पर बैठक की। बाद में प्रदर्शन करते हुए दिल्ली के लिए कूच कर गए। राष्ट्रीय अध्यक्ष ठाकुर पूरन सिंह ने कहा कि प्रदेश सरकार बकाया गन्ना मूल्य का भुगतान मय ब्याज कराए। उन्होंने पश्चिम उत्तर प्रदेश में हाईकोर्ट बैंच एवं एम्स स्थापित करने की मांग की। उन्होंने कहा कि सभी क्षेत्रों में समान कार्य का समान वेतन दिया जाए। उन्होंने कहा कि सरकार किसानों को भी श्रम कानून के दायरे में लाए। राष्ट्रीय अध्यक्ष ने स्नातक बेरोजगारों को 15 लाख रुपये प्रति माह भत्ता उच्च शिक्षा एवं प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के देने की मांग की।
उन्होंने कहा कि किसानों को सिंचाई के लिए निशुल्क बिजली देने, ट्यूबवेलों पर मीटर लगाने से रोकने और घरेलू बिजली के बिलों को 200 रुपये प्रतिमाह दिए जाए। उन्होंने बुजुर्ग किसानों एवं मजदूरों को छह हजार रुपये मासिक पेंशन देने, चौगामा नहर को तुरंत पानी दिए जाने, बागपत चीनी मिल की क्षमता वृद्धि करने और टोडरपुर चीनी मिल को चलवाने की मांग भी की।
किसान अधिकार यात्रा में शामिल किसान बड़गांव रोड पर मिर्जापुर में रात्रि विश्राम करेंगे। इसके बाद बुधवार सुबह फिर यात्रा शुरू होगी। यात्रा का जगह-जगह जोरदार स्वागत भी हुआ।
इस दौरान राष्ट्रीय प्रवक्ता ललित राणा, किसान यूनियन लोकतांत्रिक के राष्ट्रीय अध्यक्ष राकेश चौहान, मलिहाबाद के चेयरमैन यशपाल सरपंच, राजपाल, गुड्डू राणा, कमल सिंह, लोकेंद्र सिंह, महेश त्यागी, ब्रह्मदत्त त्यागी, कुशलपाल फौजी, ठाकुर अजब सिंह, कान सिंह राणा, कुलदीप, प्रदीप, मुल्की राणा, तरसेम, कल्याण सिंह, जवाहर सिंह आदि शामिल रहे।