सहारनपुर। कुपोषण के दंश को कम करने के लिए चल रहे संभव अभियान के दूसरे चरण में दो सप्ताह विशेष अभियान चलेगा। इसके तहत जनपद के 3410 आंगनबाड़ी केंद्रों से कर्मचारी घर-घर जाकर कुपोषित व अति कुपोषित बच्चों को स्वास्थ्य लाभ दिलाएंगी।
जिले में कुपोषित, अति कुपोषित, धात्री और गर्भवती महिलाओं के लिए चल रहे तीन माह के संभव अभियान का दूसरा चरण शुरू हो गया है। इसके तहत आंगनबाड़ियां कुपोषित और अति कुपोषित बच्चों के घरों का रुख करेंगी। इसके तहत छह से आठ माह तक के बच्चों को कवर किया जाएगा। बच्चों को मां दूध देने के साथ दलिया, दाल, खिचड़ी के अलावा पौष्टिक ऊपरी आहार की सारणी आंगनबाड़ी कर्मचारी उनके परिजनों को बनाकर देंगी। इसके साथ ही बच्चों को केंद्रों पर लाकर वजन किया जाएगा। इसके पश्चात धात्री और गर्भवती महिलाओं को स्वास्थ्य लाभ लेकर कार्यक्रम चलेगा।
एक नजर आंकड़ों पर
- जिले में 20 हजार कुपोषित बच्चे।
- 1350 अति कुपोषित बच्चे।
- 30 हजार गर्भवती महिलाएं
- 36 हजार धात्री महिलाएं।
संभव अभियान का द्वितीय चरण शुरू हो गया है। इसके तहत बच्चों को मां के दूध के साथ ऊपरी आहार देने की सलाह दी जाएगी। इसके लिए आंगनबाड़ियां बच्चों के घर-घर जाएंगी। इसके साथ ही अभिभावकों को बच्चों को दी जाने वाली डाइट का चार्ट भी बनाकर दिया जाएगा।
- आशा त्रिपाठी, जिला कार्यक्रम अधिकारी