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बारिश से गेंहू और सरसों की फसल को नुकसान

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सहारनपुर में बरसात देहरादून रोड़ की और से छाता लेकर बाइक पर आते लोग - फोटो : SAHARANPUR
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चिलकाना/सरसावा (सहारनपुर)। बारिश के कारण खेतों में पानी भरने से गेहूं तथा सरसों की फसल पानी से लबालब है। फसल की जड़ गलने के कारण गेहूं और सरसों की फसल पीली पड़नी शुरू हो गई है। किसानों के अनुसार इससे प्रति बीघा उत्पादन में भारी कमी आएगी।
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चिलकाना के खादर क्षेत्र के गांव रावणपुर, दानतपुर, दौलतपुर, नथमलपुर, धौलाहेड़ी, दूधगढ़, सुलतानपुर, चिलकाना, नल्हेड़ा, दुमझेड़ा, दुमझेड़ी, नारायणपुर, पंचकुआ, टोडरपुर, आल्हनपुर, दभेड़ा कला, चैनपुरा, डिंडोलीखेड़ा, बडगांव, गमटी, फिरोजाबाद, पाजबांगर आदि की सैकड़ों बीघा जमीन चोवाग्रस्त है। कुछ समय तक बारिश होने से इस जमीन में पानी की अधिकता हो जाती है। जमीन से पानी अपने आप ही ऊपर आकर बहने लगता है। इस बार सर्दियों में अनेक बार बारिश होने से खादर क्षेत्र में फसलों की हालत खराब है। गेहूं, सरसों, हरा चारा की फसल के साथ गन्ना एवं पापुलर के पेड़ों को भी नुकसान है। गेहूं की फसल तो पीली पड़ गई है, जो जल्दी ही खराब हो जाएगी। अगर मौसम कुछ दिन और ऐसा ही रहता है, खादर क्षेत्र में तो गेहूं की फसल नष्ट हो जाएगी। किसान शोपाल कांबोज, राजकुमार, इल्ताफ, कर्णसिंह कांबोज, प्रकाश चंद, सीताराम सैनी, चमनलाल, नाथीराम, रामनाथ आदि ने बताया कि बे मौसमी बारिश से फसलों बहुत ज्यादा नुकसान है, जिसकी भरपाई किसान के लिए कठिन है।
सरसावा के गांव गोविंदपुर के किसान संजीव सैनी ने बताया कि उसका 13 बीघे का सरसों का खेत पूरी तरह से बर्बाद हो गया है। सरसों की पूरी फसल पानी में डूबी है और जड़ गल जाने के कारण तेज हवा के चलते खेत में सरसों की फसल बिछ गई है।
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ग्राम भिक्खनपुर के अरविंद चौधरी और ग्राम अगवानहेड़ा के दिलीप चौधरी ने बताया कि बरसात किसानों के लिए घाटे का सौदा साबित हो रही है। सरसों की झड़त कम होगी। सरकार को चाहिए कि वह सर्वे करा प्रभावित किसानों को मुआवजा दे।
क्रय केंद्र पर पानी भरने से सड़ रहा गन्ना
तीतरो। बरसात के बाद से गन्ना क्रय केन्द्रों पर मिल का गन्ना बेतरतीब हालत में पड़ा सड़ रहा है। ग्राम कलसी में नानौता मिल का क्रय केन्द्र संचालित है। बुधवार रात व उससे पहले हुई भारी बरसात के बाद क्रय केन्द्र पर भारी मात्रा में पानी एकत्र हो जाने से गन्ने के नीचे पानी भर गया है। किसान अमित कुमार, सतीश, प्रवीन कौशिक, ब्रिजपाल कोरी आदि का कहना है कि गन्ना तौल केंद्र के संचालक ने गन्ने के बचाव के लिए उचित उपाय नहीं किए हैं।

सरसावा में हवा से गिरी सरसों की फसल- फोटो : SAHARANPUR

गेंहू के खेत में भरा पानी- फोटो : SAHARANPUR

गन्ने के खेत में भरा पानी- फोटो : SAHARANPUR

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