नानौता ग्राम जंधेड़ी स्थित रेलवे अंडरपास में भरे पानी से होकर गुजरते किसान।
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सहारनपुर। दिल्ली के मिंटो अंडरपास जैसे तो नहीं, मगर अंडरपास में जलभराव की समस्या सहारनपुर जिले में भी काफी समय से बनी हुई है। जब से रेलवे अंडरपास बनाए गए हैं, जलभराव की समस्या जस की तस है। हर साल लोग इसकी शिकायतें भी करते हैं, मगर समस्या का समाधान नहीं हो पा रहा है।
नानौता क्षेत्र में ग्राम भनेडा खेमचंद स्थित रेलवे अंडरपास और जंधेड़ी स्थित रेलवे अंडरपास में हर साल ही बरसात के सीजन में पानी भर जाता है। बीते तीन दिन में हुई बरसात के कारण ही समस्या बनी हुई है। लोगों को अंडरपास में जलभराव के बीच से होकर गुजरना पड़ता है। ग्राम भनेडा खेमचंद में बने अंडरपास में 9 अगस्त 2019 को हादसा होने से बच गया था। शामली क्षेत्र के ग्राम दथेडा निवासी ट्रैक्टर-ट्राली चालक विशाल पुत्र विक्रम अपने श्रद्धालुओं के साथ गांव भोजपुर में चाब लेकर आ रहा था। ट्रैक्टर चालक द्वारा जैसे रेलवे अंडरपास से ट्रैक्टर निकालने का प्रयास किया तो ट्रैक्टर ट्राली अंडरपास के जलभराव में फंसकर बंद हो गई थी। ग्रामीणों ने किसी तरह ट्रैक्टर ट्राली पर सवार महिलाओं बच्चों व पुरुषों को बाहर निकाला था। उधर, रामपुर मनिहारान क्षेत्र में लढोरा गुर्जर- मल्हीपुर मार्ग पर रेलवे फाटक पर अंडरपास बनाया गया। बरसात में वहां भी अंडरपास में पानी भर जाता है। सहारनपुर-रामपुर-नानौता रेलवे ट्रैक पर अधिकांश अंडरपास की यही हालत हैं। जब जोरदार बारिश होती है तो अंडरपास में तीन से चार फुट पानी जमा हो जाता है।
लढोरा गुर्जर-मल्हीपुर मार्ग पर रेलवे ट्रेक पर बने अंडरपास में भरा पानी।- फोटो : SAHARANPUR
गत वर्ष 9 अगस्त को ग्राम भनेडा खेमचंद स्थित अंडरपास में फंसी श्रद्धालुओं से भरी ट्रैक्टरट्रॉली क?- फोटो : SAHARANPUR
नानौता के ग्राम भनेडा खेमचंद स्थित रेलवे अंडरपास में भरा पानी।- फोटो : SAHARANPUR