जमीयत दावतुल मुसलीमीन के संरक्षक व प्रसिद्ध आलिम-ए-दीन मौलाना कारी इस्हाक गोरा ने कहा कि शरीयत के मुताबिक, वोट का इस्तेमाल करना जरूरी है, जबकि पैसे लेकर वोट देने को उन्होंने शरीयत की रोशनी में हराम करार दिया है।
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मंगलवार को अपील करते हुए कारी इस्हाक गोरा ने कहा कि चार मई को मतदान करने ज़रूर जाएं और दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करें। शरीयत का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि चुनाव में वोट की अहमियत शहादत यानी गवाही देने की है। जिसका छुपाना इस्लाम में हराम और झूठ बोलना गुनाह है। क्योंकि हम जिस उम्मीदवार को वोट देते हैं, इस्लाम के मुताबिक उसकी गवाही देते हैं कि ये व्यक्ति हमारे नजरिया में दीनदार, पढ़ा लिखा व ईमानदार है और इस जिम्मेदारी का हकदार और दूसरे उम्मीदवारों से बेहतर है।
कारी इस्हाक ने कहा कि चुनाव तो एक राजनीतिक हार जीत है। कहा कि शरीयत के मुताबिक, जनता की गवाही के जरिये जो उम्मीदवार जिस मकाम पर पहुंचेगा, वह जितने अच्छे और बुरे काम करेगा तो उसकी जिम्मेदारी जनता पर भी पड़ेगी और उसके सवाब और अजाब में जनता बराबर की हिस्सेदार होगी। इसलिए पूरे होश के साथ सही व्यक्ति का चुनाव करें।