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उलेमा का राज ठाकरे पर पलटवार: अजान पर किसी को नहीं होना चाहिए एतराज, यह हमारा संवैधानिक अधिकार 

Sun, 03 Apr 2022 08:11 PM IST
आकाश दुबे संवाद न्यूज एजेंसी, देवबंद

सार

उलेमा ने मनसे प्रमुख के बयान पर नाराजगी जताते हुए कहा है कि अब इनकी राजनीति दफन हो चुकी है। खुद को उभारने के लिए यह हिंदू-मुस्लिम कार्ड खेल रहे हैं। अजान पर किसी की एतराज नहीं होना चाहिए।संविधान यहां रहने वाले हर शख्स को अपने मजहब के ऊपर अमल करने की आजादी देता है।
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महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) के प्रमुख राज ठाकरे - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) के प्रमुख राज ठाकरे के मस्जिदों से लाऊडस्पीकर उतारने तथा ऐसा न करने पर मस्जिदों के सामने हनुमान चालीसा का पाठ कराने वाले बयान पर उलेमा ने सख्त नाराजगी जताई है। उलेमा का कहना है कि अब इनकी राजनीति दफन हो चुकी है। खुद को उभारने को यह हिंदू-मुस्लिम कार्ड खेल रहे हैं। केंद्र सरकार को इसका संज्ञान लेकर सख्त कार्रवाई करनी चाहिए।

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इत्तेहाद उलेमा-ए-हिंद के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष व मदरसा जामिया शेखुल हिंद के मोहतमिम मौलाना मुफ्ती असद कासमी ने कहा कि हिंदुस्तान सेक्यूलर मुल्क है और इस मुल्क का संविधान यहां रहने वाले हर शख्स को अपने मजहब के ऊपर अमल करने की पूरी आजादी देता है। मनसे प्रमुख राज ठाकरे का बयान संविधान के खिलाफ है। मुसलमान अजान दे रहा है तो इसमें कोई एतराज नहीं होना चाहिए। तुम हनुमान चालीसा करो या कुछ भी करो हमे उससे कोई एतराज नहीं है। मुफ्ती असद ने कहा कि अब इनकी राजनीति दफन हो चुकी है। ये खुद को उभारने के लिए हिंदू-मुस्लिम के मुद्दे पर राजनीति कर रहे हैं। हमेशा से इन्होंने यही किया है। केंद्र सरकार ऐसे लोगों के खिलाफ कार्रवाई करे और उन्हें सलाखों के पीछे डालने का काम करे।

तंजीम अबना-ए-दारुल उलूम के अध्यक्ष मुफ्ती याद इलाही कासमी का कहना है कि मुल्क में नफरत पैदा करने वालों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। ताकि यहां की एकता और अखंडता को बचाया जा सके। केंद्र सरकार को मामले का संज्ञान लेना चाहिए। गौरतलब है कि राज ठाकरे ने महाराष्ट्र स्थित शिवाजी पार्क में एक रैली के दौरान मंच से कहा कि मस्जिदों में लाउडस्पीकर इतनी तेज आवाज में क्यों बजाए जाते हैं। अगर इसे नहीं रोका गया तो मस्जिदों के बाहर स्पीकर पर उससे अधिक तेज आवाज में हनुमान चालीसा बजाई जाएगी।

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