सरसावा (सहारनपुर)। शेखुल हिन्द मौलाना महमूद हसन राजकीय मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस छात्रों के दो पक्षों में वॉलीबाल खेलने को लेकर बुधवार को हुुए विवाद ने बृहस्पतिवार को हिंसक रूप ले लिया। दोनों पक्षों में जमकर मारपीट हुई, जिसमें तीन छात्र घायल हो गए। मामला इतना बढ़ा कि कॉलेज में पुलिस और पीएसी लगानी पड़ी। देर शाम कॉलेज के छात्रावासों की लाइट बंद करने के बाद छात्रों को छात्रावास से बाहर कर दिया गया।
एमबीबीएस छात्रों के दो पक्षों में विवाद बुधवार से चल रहा था। जिसकी शिकायत लेकर 2019 बैच के दो छात्र बृहस्पतिवार को थाना सरसावा पहुंचे थे। उन्होंने पुलिस को बताया था कि बुधवार शाम वे वॉलीबाल खेलने के लिए मेडिकल कॉलेज स्थित मैदान में पहुंचे तो वहां सीनियर छात्र पहले से ही वॉलीबाल खेल रहे थे। जब उन्होंने सीनियर छात्रों के साथ खेलने का आग्रह किया तो आरोप है कि सीनियर छात्रों ने उनके साथ दुर्व्यवहार किया। इसके बाद वह अपने हॉस्टल पहुंच गए, लेकिन वॉलीबॉल खेलने वाले सीनियर छात्र बुधवार रात्रि में ही उनके हॉस्टल पहुंचे तथा हॉकी और डंडों से उन पर हमला कर दिया। जब उनके बैच के साथी बचाने आए तो सीनियर छात्र भाग निकले। बृहस्पतिवार की सुबह वह शिकायती पत्र लेकर प्राचार्य डॉ. अरविंद त्रिवेदी के कार्यालय में जा ही रहे थे, कि अचानक एक बार फिर से 20-25 सीनियर छात्रों ने घेर लिया तथा प्रशासनिक भवन के बाहर उनके साथ मारपीट की। जिसमें उन्हें काफी चोटें आई। उन्होंने सीनियर छात्रों के विरुद्ध कार्रवाई करने की मांग पुलिस से की। इसके बाद बृहस्पतिवार की शाम फिर से दोनों गुटों में लाठी और डंडे चले, जिसमें तीन छात्र घायल हो गए, जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। मामला इतने पर भी नहीं रुका। करीब 200 छात्र आमने-सामने आ गए। बड़ी संख्या में छात्र छात्रावासों की छत पर चढ़ गए। ऐसे में छात्रावासों की बिजली आपूर्ति बंद करनी पड़ी। सूचना मिलते ही एसपी देहात अतुल कुमार शर्मा पुलिस बल को साथ लेकर मौके पर पहुंचे। इसके बाद पीएसी तैनात कर दी गई। दोनों छात्रावास के छात्रों को छात्रावास से बाहर कर दिया गया। उधर, सरसावा थानाध्यक्ष धर्मेंद्र सिंह ने बताया कि पुलिस मामले की जांच कर रही है। दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।
फोटो वीडियो से चिह्नित होंगे छात्र
कॉलेज प्रशासन उपद्रवी छात्रों को चिह्नित कर रहा है। इसके लिए फोटो और वीडियो का सहारा लिया जा रहा है। जो भी छात्र मारपीट में सीधे तौर पर शामिल रहे हैं। उनके खिलाफ कॉलेज स्तर से भी कार्रवाई करने की तैयारी है।
ठंड में हुए छात्रावास से बाहर
सर्दी के बीच छात्रों को बाहर कर दिया गया, जिससे कई ऐसे छात्र जो विवाद में शामिल नहीं थे। उन्हें मुश्किलों का सामना करना पड़ा। हालांकि कॉलेज प्रशासन ने ऐसा शांति व्यवस्था बनाने के लिए किया, जिससे छात्रावास के भीतर कोई विवाद न बढ़े।
एमबीबीएस छात्रों में किसी बात को लेकर बुधवार को विवाद हुआ था। वह पुलिस में पहुंचे थे। मगर बृहस्पतिवार की देर शाम करीब 200 छात्र आमने-सामने आ गए, जो एक दूसरे की जान लेने पर आमादा थे। ऐसे में पुलिस बुलाई गई। दो छात्रावास की बिजली आपूर्ति बंद कर छात्रों को बाहर कर दिया गया है। मामला पुलिस में पहुंचा है पुलिस स्तर से ही कार्रवाई होगी।
डॉ. अरविंद त्रिवेदी, प्राचार्य, राजकीय मेडिकल कॉलेज, पिलखनी।
सीनियर छात्रों के विरुद्ध कार्यवाही की मांग करते जूनियर छात्र- फोटो : SAHARANPUR