रामपुर मनिहारान खंड विकास कार्यालय पर सेनानियों की याद में लगा स्तंभ
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रामपुर मनिहारान (सहारनपुर)। स्वतंत्रता आंदोलन में रामपुर मनिहारान के गांव घाट हेड़ा के योगदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता है। मनानी रेलवे स्टेशन फूंकने की रणनीति भी घाट हेड़ा के गांधी आश्रम में बैठ कर स्वतंत्रता सेनानियों ने बनाई और उसे अंजाम तक पहुंचाया था।
गांव घाट हेड़ा में अंग्रेजी शासन काल में बना गांधी आश्रम स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों की शरण स्थली थी। इसी आश्रम में बैठकर आंदोलन की रणनीति बनाई जाती थी। इस आश्रम के गोविंद बल्लभ पंत और आचार्य विनोबा भावे ट्रस्टी थे, इनके नाम का पत्थर आज भी आश्रम में लगा है। स्वतंत्रता आंदोलन के दीवाने अंगद सिंह, हरि सिंह, आशा राम, जय भगवान शर्मा, रणजीत सिंह, रण सिंह, चौधरी नरसिंह, कैशो राम आदि के नेतृत्व में गांव घाट हेड़ा में स्थित गांधी आश्रम में क्रांतिकारियों की बैठक लिया करते थे। यहां बैठकर आंदोलन की रणनीति बनाई जाती थी।
अंग्रेजी शासन को चोट देने के लिए रणनीति तैयार की गई कि 16 अगस्त 1942 की मनानी रेलवे स्टेशन को फूंका जाएगा। सभी रणबांकुरों ने सांय छह बजे गांव घाटहेड़ा से कूच किया और रात्रि के 11 बजे उन्होंने स्टेशन को फूंक डाला। रेलवे स्टेशन फूंकने की घटना में उक्त सभी को 13 मार्च 1943 की जेल भेजा। इसके अलावा ब्लाक क्षेत्र के अन्य क्रांतिकारी आंदोलन की अलग-अलग गतिविधियों में जेल गए।
गांव घाट हेड़ा के ग्रामीण डॉ. बरम सिंह, तेज सिंह के अनुसार गांव के गांधी आश्रम में बाहर के क्रांतिकारी शरण लेते थे। यहीं से वह देश को आजाद कराने की योजना बनाते थे। ब्लाक क्षेत्र के 46 स्वतंत्रता सेनानियों के नाम खंड विकास कार्यालय पर लगे स्तंभ पर अंकित हैं।